इंदौर. मध्य प्रदेश में निवेश को लेकर बड़ी खबर है. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (7th Global Investor Summit Indore) के पहले दिन ही करोड़ों रुपये निवेश प्रस्ताव मिला है. समिट के पहले दिन हेल्थ और फार्मा सेक्टर पर फोकस रहा. कैप्सूल बनाने वाली एशिया की सबसे बड़ी कंपनी एसीजी ग्रुप पीथमपुर में करीब 500 करोड़ का निवेश करेगी. इसके साथ ही कैप्सूल बनाने वाली ये दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी. इससे प्रदेश में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की भी संभावना है.
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभूराम चौधरी ने कहा कि दवा बनाने वाली 10 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने मध्य प्रदेश में 6 इकाइयां स्थापित की हैं. प्रदेश में हेल्थ केयर सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत को फार्मा उद्योग के रूप में दुनिया में जाना जाता है. फार्मा उद्योग के क्षेत्र में देश में प्रदेश की विशिष्ट पहचान है. मध्य प्रदेश के निर्यात में हेल्थ केयर सेक्टर के उत्पादों का बहुत बड़ा हिस्सा है. प्रदेश में 200 से ज्यादा फार्मा उद्योग इकाइयां हैं. इनमें बहुराष्ट्रीय कम्पनियां भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इंदौर, पीथमपुर, मंडीदीप में फार्मा उद्योग की अनेक इकाईयां कार्यरत हैं. उज्जैन में मेडिकल डिवाइस के लिए पार्क स्थापित किया गया है.
हेल्थ, टेक्नोलॉजी में ज्यादा काम करने की जरूरत- सारंग
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश ने 8 महीने में स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर ली. देश में लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ वैक्सीन की डोज लगाई. इस तरह हमने पूरे देश को कोविड से सुरक्षित किया है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज शुरू करने जा रहा है. यह सैद्धांतिक रूप से तय कर लिया गया है. हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज होगा. इसके लिए सरकार जमीन सहित दूसरी सुविधाएं देगी. उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्य प्रदेश में हर क्षेत्र में काम हो रहा है. हेल्थ, टेक्नोलॉजी में और अधिक काम करने की आवश्यकता है.






