Jabalpur News: सतीश सनपाल और उसके परिवार के लोगों के नाम पर 13 शैल कंपनियां दर्ज पाई गईं हैं. इनका कागजों में रजिस्ट्रेशन था, लेकिन भौतिक सत्यापन में ऐसी कंपनियां अस्तित्व में नहीं थीं.
Madhya Pradesh News: दुबई में बैठकर मध्य प्रदेश में सट्टे का अवैध कारोबार करने वाले सतीश सनपाल का एक और नया कारनामा उजागर हुआ है. सट्टा किंग के नाम से मशहूर सतीश सनपाल ने अरबों का व्यापार शैल कंपनियों के माध्यम से किया, जिसकी परत दर परत अब खुलती जा रही है. शैल कंपनियों के माध्यम से ठिकाने लगाई गई रकम एक हजार करोड़ से अधिक है. पुलिस ने सतीश सनपाल के कारोबारी साथी उसके चाचा मनीष पाल को भी हाल ही में गिरफ्तार किया है.
जबलपुर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा बताते हैं कि शहर के तीन थाना क्षेत्रों मदन महल, ओमती और लॉर्डगंज में दर्ज मुकदमों की जांच में पता चला कि सतीश सनपाल ने 13 बोगस कंपनियों के जरिए अरबों रुपये का हेरफेर कर दिया. उसके खिलाफ पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की मदद से लुक आउट नोटिस जारी कर रखा है. वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि सतीश सनपाल द्वारा क्रिकेट सट्टे के अवैध कारोबार से कमाई अरबों की रकम संभवत दुबई या अन्य ठिकानों पर भेज दी गई. इस पूरे मामले में सतीश सनपाल, उसके चाचा मनीष सनपाल समेत कुल 5 आरोपियों पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.
हवाला रैकेट की ओर इशारा
बता दें कि एक-एक कर जो खुलासे हो रहे हैं, वह एक बड़े हवाला रैकेट की ओर इशारा करते हैं. पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा द्वारा इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी टीम बनाई गई है. इस टीम ने अब तक जो जांच की है, उसमें 13 शैल कंपनियां सतीश पाल और उसके परिवार के लोगों के नाम पर दर्ज पाई गईं हैं. इनका कागजों में तो रजिस्ट्रेशन था, लेकिन भौतिक सत्यापन पर पता चला कि ऐसी कंपनियां अस्तित्व में नहीं थीं. माना जा रहा है कि दुबई कनेक्शन के क्रिकेट सट्टे के इस मामले में जो खुलासे हो रहे हैं, वह अब ईडीडी या आयकर विभाग को जांच में शामिल करने की ओर इशारा करते हैं.
आजतक पुलिस रडार से बाहर
लग्जरी लाइफस्टाइल जीने का शौकीन सतीश सनपाल खुद को दुबई के वीआई क्लब का मालिक बताता है. जबलपुर में 3 से 4 साल से सट्टा और हवाला से जुड़े कई मामलों के तार सतीश सनपाल से जुड़ चुके हैं, लेकिन आज तक वो पुलिस रडार से बाहर है. जिला पुलिस द्वारा लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया गया है. प्रयास किए जा रहे हैं कि सतीश सनपाल की गिरेबां तक जांच एजेंसियां जल्द पहुंच सकें. हालांकि पुलिस एक-एक करके सतीश के गुर्गों पर शिकंजा कसती जा रही है. अभी तक उसके आधा दर्जन से ज्यादा सहयोगी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. माफिया दमन की कार्यवाही के तहत सतीश पाल के घर के अनाधिकृत हिस्से को पहले ही ढहाया जा चुका है. इसी तरह उसके दफ्तर में छापा मारकर 21 लाख रुपये जब्त किए गए थे.
खास गुर्गे का पुलिस ने पता लगाया
पुलिस ने सतीश पाल के खास गुर्गे आजम खान का भी पता लगाया है जो जबलपुर में उसके लिए प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट का काम करता है. हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि आजम खान भी दुबई में ही छिपा हुआ है लेकिन यहां अपने कनेक्शन के दम पर प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री करता रहता है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए भी जाल बिछा रही है. इसके अलावा पुलिस को सतीश के प्रमुख साथी हितेश ध्वनि की भी तलाश है जो फिलहाल दुबई में छिपा बैठा है. बताते हैं कि सतीश के सट्टे का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क हितेश ही चलाता है. नितिन उर्फ बाबू रिजवानी को भी पुलिस ने पकड़ने में सफलता प्राप्त की है, जो फिलहाल सतीश से अलग होकर सट्टे का व्यापार कर रहा था.






