मराठा संगठन संभाजी ब्रिगेड, कई संगठनों और विपक्षी दलों के साथ सर्वधर्मीय शिवप्रेमी पुणेकर ने मंगलवार को पुणे बंद रखा है। इस दौरान एक मौन मार्च निकाला जाएगा। जो डेक्कन में छत्रपति संभाजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद मौन मार्च शुरू होगा।यह मार्च राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के छत्रपति शिवाजी महाराज पर टिप्पणी के खिलाफ निकाला जा रहा है।
3 बजे तक बंद रहेंगी सभी दुकानें, मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे
एनसीपी और शिवसेना ने बंद को कई सामाजिक और व्यापारिक संगठनों का समर्थन मिला है। फेडरेशन ऑफ ट्रेडर्स एसोसिएशन ऑफ पुणे (एफएटीपी) के अध्यक्ष फतेहचंद रांका ने कहा था, हम राज्यपाल के बयान की निंदा करते हैं और व्यापारियों से अपील करते हैं कि वे बंद का समर्थन करें। 3 बजे तक सभी दुकानें और ऑफिस बंद रहेंगे।
किराना स्टोर, बेकरी और दूध की दुकानों जैसी आवश्यक सेवाओं को सुबह 10 बजे तक खोलने की अनुमति है। इसके बाद 3 बजे तक दुकानें बंद रहेंगी। मेडिकल की दुकानें दिनभर खुली रहेंगी। पेट्रोल और सीएनजी पंप चालू रहेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों के साथ ही 1000 जवानों को तैनात किया गया है।
कोश्यारी ने शिवाजी को बताया था पुराने जमाने का आइकन
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 19 नवंबर को औरंगाबाद में एक यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शिवाजी को पुराने दिनों का आइकॉन कहा था। कोश्यारी के साथ इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नितिन गडकरी और NCP प्रमुख शरद पवार भी मौजूद थे।
उन्होंने भरी सभा में बाबासाहेब आंबेडकर और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को नए जामने का आइकन बताया था।
कोश्यारी ने 6 दिसंबर को लिखी अमित शाह को चिट्ठी
गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर मार्गदर्शन मांगा है। उन्होंने गृहमंत्री से सलाह मांगी है कि उन्हें इस पद पर बने रहना है या नहीं। कोश्यारी ने लिखा- मार्गदर्शन कीजिए, आपके ही कहने पर राज्यपाल पद स्वीकारा था। कोश्यारी ने यह चिट्ठी 6 दिसंबर को लिखी थी, जो अब सामने आई है।






