उपचारात्मक शिक्षा के अंतर्गत विभाग द्वारा जिले के सभी सरकारी स्कूलों में दीपावली के पहले पिछले माह बेसलाइन 2022-23 परीक्षा आयोजित की गई थी। बेसलाइन परीक्षा में रिक्त स्थान की पूर्ति संबंधित 4 प्रश्न के लिए 4 अंक, 8 लघु उत्तरीय प्रश्न के लिए कुल 32 अंक और 2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न के लिए कुल 14 इस तरह कुल 50 अंक निर्धारित थे। लेकिन शिक्षा का स्तर पता लगाने के लिए 0, एक और दो अंक निर्धारित है।
शिक्षकों के अनुसार संकुल स्तर पर एक ओएमआर में चार बच्चों से संबंधित जानकारी भरी गई है। मान लीजिए कक्षा 6वीं के बच्चे ने परीक्षा दी है। अगर एक अंक मिलता है तो वह उस कक्षा के लायक नहीं है। 2 नंबर पाने पर उस कक्षा के स्तर के हैं।
बताया गया कि परीक्षा में शामिल कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन संकुल स्तर पर हो चुका है। शिक्षकों के माध्यम से ओएमआर शीट में बच्चों के अंक व अन्य संबंधित जानकारी भरकर संकुल स्तर से बीआरसी, बीईओ कार्यालय भेजी गई है। यहां वेरिफिकेशन के बाद आगे की कार्रवाई के लिए जिला व राज्य स्तर पर भेजी जाएगी। जिसके बाद परिणाम जारी होगा। जिसके माध्यम से बच्चों में शिक्षा का स्तर निर्धारित किया जाएगा यानी जिस कक्षा में छात्र अध्ययनरत है, उस कक्षा के लायक हैं कि नहीं, अगर लायक नहीं होंगे तो अतिरिक्त पढ़ाई कराकर उस स्तर पर लाया जाएगा।
बच्चों में शिक्षा गुणवत्ता परखना ही मुख्य उद्देश्य
डीईओ प्रवास बघेल ने बेसलाइन परीक्षा के संबंध में सभी शाला प्रमुखों को पत्र भेजकर पहले से ही स्पष्ट कर दिया था कि मूल्यांकन कार्य दूसरे संकुल के स्कूल से करवाएं ताकि प्रत्येक बच्चे में शिक्षा की गुणवत्ता को परखा जा सके। कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोरोना लॉकडाउन से हुए नुकसान का आकलन कर पढ़ाई में कमजोर बच्चों की पहचान करने के उद्देश्य से परीक्षा का आयोजन किया गया था।
शिक्षा विभाग के अनुसार जानिए, तीन स्तर को
लेवल 1- इस श्रेणी में 0 अंक निर्धारित है। जिसके लिए शुरुआती दौर या बेसिक स्तर के सवाल दिए गए थे।
लेवल 2- इस श्रेणी में एक अंक निर्धारित है। जिसके लिए माध्यम यानी इंटरमीडिएट स्तर के सवाल दिए गए थे।
लेवल 3- इस श्रेणी में दो अंक निर्धारित है। ऐसे ही स्तर बढ़ाया जाएगा। जिसके लिए ग्रेड लेवल यानी संबंधित कक्षा के आधार पर सवाल दिए गए थे।






