भाजपा के 7 मंत्री और 15 विधायकों के नाम अपराध, पर ED तो चुनकर उठाती है; फिर बरसी शिवसेना

अब एक बार फिर से शिवसेना का रुख बदला दिख रहा है। पार्टी के मुखपत्र सामना में भाजपा पर तीखा हमला बोला गया है। अखबार में कहा गया है कि भाजपा के 7 मंत्री और कई विधायकों पर आपराधिक केस हैं।

शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे के नेता संजय राउत की जेल से रिहाई के बाद एक बार फिर से महाराष्ट्र की राजनीतिक गरमा गई है। संजय राउत ने गुरुवार को कहा था कि वह किसी की आलोचना नहीं करेंगे और वह नहीं मानते कि उनके खिलाफ साजिश की गई है। इसके अलावा उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मुलाकात करने की भी बात कही थी। यहां तक कि देवेंद्र फडणवीस के फैसलों की भी सराहना की थी। इससे कयास लग रहे थे कि क्या संजय राउत और शिवसेना के तेवर बदल गए हैं। लेकिन अब एक बार फिर से शिवसेना का रुख बदला दिख रहा है। पार्टी के मुखपत्र सामना में भाजपा पर तीखा हमला बोला गया है। बता दें कि सामना के संपादक खुद संजय राउत ही हैं।

‘सामना’ के पहले पन्ने में केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की तीखी आलोचना की गई है। शिवसेना के अखबार ने लिखा है कि देश में कानून का राज नहीं है। न्यायपालिका दबाव में है और केंद्रीय एजेंसियां गुलाम हो गई हैं। संजय राउत मामले में यह बात सामने आई है। सामना में एजेंसियों की आलोचना करते हुए बीजेपी नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। सामना में कहा गया है कि महाराष्ट्र भाजपा के कम से कम 7 मंत्री, 15 विधायक और सांसद और पार्टी को वित्त मुहैया कराने वाले बिल्डरों के नाम कई अपराध हैं। इनके खिलाफ जांच हो तो ये जेल जा सकते हैं, लेकिन अदालत ने खुद ही कहा है कि ‘ईडी’ आरोपियों का चयन करती है।

एकनाथ शिंदे पर भी सामना ने कस दिया तंज                                                                                                                                    महाराष्ट्र में शिवसेना को बुलाने और सरकार गिराने के लिए ‘ईडी’ का इस्तेमाल किया गया था। जिन लोगों को ‘ईडी’ पहले गिरफ्तार करने जा रहा था, उन्हें शिवसेना छोड़ते ही क्लीन चिट दे दी गई। जो शिंदे-फडणवीस के आगे नहीं झुके, वे ‘ईडी-सीबीआई’ के अपराधी बन गए। देश में कानून का राज नहीं है। न्यायिक प्रणाली दबाव में है और केंद्रीय व्यवस्था गुलाम हो गई है। संजय राउत की तरह एनसीपी नेता और राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख भी राजनीतिक साजिश के तहत जेल जा चुके हैं। महाराष्ट्र में ‘ईडी’ के कई मामले इस बात के गवाह हैं।

अनिल देशमुख का भी किया बचाव, बताया साजिश का शिकार                                                                                                          अखबार ने लिखा कि राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और उनके सहयोगी एक साल से अधिक समय से जेल में हैं। यह सब राजनीतिक साजिश के तहत किया जा रहा है। क्या राज्य के गृह मंत्री आपराधिक प्रकृति के पुलिस अधिकारियों को मुंबई-ठाणे में बार मालिकों से 100 करोड़ रुपये वसूलने का निर्देश दे सकते हैं?  लेकिन ईडी और सीबीआई ने खुद अधिकारी की गवाही के आधार पर देशमुख के खिलाफ मामला तय किया, जो मुकेश अंबानी के घर के सामने विस्फोटक रखने की साजिश में आरोपी है। जिसने मामले में सबूत नष्ट करने के लिए अपने दोस्त तक की हत्या कर दी थी।

 

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Author: newtraffictail

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