ब्यूरो वर्धा – संविधान के रचयिता डॉ बाबासाहेब आंबेडकर 1 मई 1936 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से चर्चा करने सेवाग्राम आश्रम आए थे. इसके बाद सेवाग्राम की पुरानी बस्ती में जाकर समाज बंधुओं से एक पत्थर पर बैठकर संवाद साधा था. सेवाग्राम विकास प्रारूप के तहत करोड़ों रुपए के काम किए जा रहे हैं इसी के तहत सेवाग्राम में 4 से 5 हज़ार वर्ग मीटर जगह उपलब्ध करवाकर डॉक्टर बाबासाहब आम्बेडकर का यादगार भवन बनाने की मांग रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया की ओर से जिलाधिकारी राहुल कर्डिले के जरिए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजे ज्ञापन में की गई है ज्ञापन में कहा है कि डॉक्टर बाबासाहब आम्बेडकर और महात्मा गांधी की यह भेट एक ऐतिहासिक क्षण है उनकी यह मुलाकात यादगार होनी चाहिए. सेवाग्राम आश्रम के विकास के लिए हर साल करोड़ों रुपए शासन द्वारा भेजे जाते हैं इसका उपयोग किस प्रकार से किया जाता है इस पर किसी का ध्यान नहीं है. सेवा ग्राम विकास प्रारूप के लिए भी करोड़ों रुपए सरकार के द्वारा सैंक्शन हुए हैं, सेवाग्राम विकास प्रारूप के तहत करोड़ों रुपए की निधि उपलब्ध करवाई जा रही है. इस निधि से अथवा अलग से निधि उपलब्ध करवाकर सेवाग्राम में डॉ आम्बेडकर का यादगार स्मारक बनना चाहिए.
ज्ञापन सौंपते समय रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष गोकुल पांडे, वर्धा जिलाध्यक्ष ऐड नरेंद्र पाटिल, उपाध्यक्ष मिलिंद रामटेके, शहर कार्याध्यक्ष चिंतामन शंभरकर, वैशाली नगर के अध्यक्ष रविंद्र धवने, राकेश पाटिल, गजानन ओरके, व उमेश पाटिल ऍम आर नगराले, धनराज बागेश्वर, समेत अन्य उपस्थित थे.






