महाराष्ट्र – शराब छोड़ो, बच्चों के लिए स्कॉलरशिप जीतो’, 100 से अधिक गावों में शुरू हुई अनोखी पहल. महाराष्ट्र में सोलापुर जिले के कुछ गांवों में शराब की लत छुड़ाने को लेकर अनोखी पहल शुरू हुई है।
बीडीओ ने कहा कि योजना के तहत व्यक्ति को स्वतंत्रता दिवस पर गांव वालों के सामने शराब का सेवन दोबारा नहीं करने का संकल्प लेना होगा। शराबबंदी का पालन करने पर उसके बच्चों को एक साल बाद छात्रवृत्ति मिलेगी।
महाराष्ट्र में सोलापुर जिले के कुछ गांवों में शराब की लत छुड़ाने को लेकर अनोखी पहल शुरू हुई है। गांव वाले शराब छोड़ने वाले शख्स को उसके बच्चों के लिए स्कॉलशिप दे रहे हैं। 40 वर्षीय मोहन कोपनार के परिवार के लोग इन दिनों बहुत खुश हैं। इसकी वजह यह है कि मोहन ने दारू पीने छोड़ दी है और उन्हें 15 अगस्त को गांव में सम्मानित किया जाएगा।
पश्चिमी महाराष्ट्र में सोलापुर जिले की करमाला तहसील के अंतर्गत गौंदरे गांव बसा है। यहां के निवासियों ने शराब के आदी लोगों को स्वेच्छा से शराब छोड़ने के मकसद से यह पहल की है। उनका कहना है कि इससे व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार आएगा और परिवार के लोगों की बेहतर देखबाल कर सकेगा।
100 से अधिक गांवों में शुरू हुई यह पहल
करमाला की पंचायत समिति ने गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है, जो कि तहसील के 100 से अधिक गांवों में चलाई जा रही है। इस नई योजना को ‘शराब पीना बंद करो और बच्चों के लिए छात्रवृत्ति पाओ’ नाम दिया गया है। इसके सकारात्मक नतीजे भी अब देखने को मिलने लगे हैं। कई सारे लोगों ने शराब से दूरी बना ली है।
‘गांव वालों के सामने लेनी होगी प्रतिज्ञा’
ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) मनोज राउत ने कहा कि योजना के तहत व्यक्ति को स्वतंत्रता दिवस पर गांव वालों के सामने शराब का सेवन दोबारा नहीं करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति सख्ती से शराबबंदी की प्रतिज्ञा का पालन करता है, उसके बच्चों को 15 अगस्त, 2023 को यानि की ठीक एक साल बाद ‘छात्रवृत्ति’ मिलेगा। साथ ही उस व्यक्ति को भी सम्मानित किया जाएगा।






