पूरे मध्यप्रदेश में आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। प्रदेशभर में रविवार रात तक 8.5 इंच पानी गिर चुका है। भोपाल में रात तक 6 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। आज भी बारिश जारी है। जगह-जगह राजधानी की सड़कों और निचली बस्तियों में पानी भर गया है। रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर-6 के सामने पानी भरने से पेट्रोल पंप बंद करना पड़ा। नर्मदापुरम में तवा डैम का जलस्तर 3 फीट तक बढ़ गया। नर्मदा के जलस्तर में भी दो से ढाई फीट की बढ़त हुई है। विदिशा प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी कर दी। बेतवा उफान पर है। रायसेन में भी जगह-जगह जलजमाव है। छोटी नदियां और नाले उफना गए। ऊपरी इलाकों में भारी बारिश की वजह से खरगोन के सेंगाव की बोराड़ नदी में बाढ़ आ गई। पुलिया डूबने से खंडवा-बड़ौदा स्टेट हाईवे बंद हो गया है। कुंदा नदी का भी जलस्तर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में 1 जून से 11 जुलाई की सुबह तक करीब 10 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक सामान्य बारिश 9 इंच होती है। यह सामान्य से 5% ज्यादा है।
नर्मदा और बेतवा के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट जारी किया गया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि लोगों से ऊपरी इलाकों में जाने की अपील की गई है। होमगार्ड, SDERF सहित हमारी सभी टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद हैं।
मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 घंटे के दौरान भोपाल, खंडवा, बैतूल, बुरहानपुर, धार, देवास, शाजापुर और नर्मदापुरम में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हरदा, रायसेन और सीहोर में अति भारी बारिश का अलर्ट है। पिछले 24 घंटे में विदिशा में 8, नर्मदापुरम और आलीराजपुर में 7-7, रायसेन में 5, बैतूल और श्योपुर में 4-4 इंच पानी गिर गया।
प्रदेश में 7 दिन में बिजली गिरने से 47 लोगों की मौत हो चुकी है। 70 घायल हुए है। भोपाल और उसके आसपास के इलाके में हर 15 मिनट में 3500 बार बिजली गिरी। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि सोमवार को नमी अधिक होने के कारण प्रदेशभर में बारिश हो रही है। भोपाल, जबलपुर, रीवा और सागर में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इंदौर-उज्जैन भी भीगेंगे।
भोपाल में 6 इंच से ज्यादा गिरा पानी
भोपाल में शनिवार आधी रात के बाद से 6 घंटे में 5 इंच से ज्यादा बारिश हुई। रविवार को दिन भर धूप रही, लेकिन शाम 7 बजे के बाद फिर बारिश शुरू हो गई। रात 8.30 तक 1 इंच पानी और बरस चुका था। यानी 20 घंटे में 6 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी थी। यह इस सीजन की सबसे तेज बारिश है। पिछले 17 साल में ऐसा पहली बार हुआ, जब जुलाई में दो बार यानी दो दिन 4.5 इंच से ज्यादा बारिश हुई। जुलाई में 17 साल में तीसरी बार यह 1 दिन की सबसे ज्यादा बारिश भी है। इस जुलाई में अब तक 13.78 इंच बारिश हो चुकी है। अब जुलाई का कोटा 14.89 इंच पूरा होने के लिए सिर्फ 1.11 इंच बारिश की जरूरत है, जबकि महीना खत्म होने में अभी 21 दिन बाकी हैं। शहर में अब तक 16.57 इंच बारिश हो चुकी है। इस बारिश का असर बड़े तालाब के लेवल पर भी पड़ा। अब तालाब का जलस्तर सीजन में सबसे ज्यादा 0.70 फीट बढ़कर 1660.50 फीट पर पहुंच गया।
हर 15 मिनट में 3500 बार बिजली गिरी, लेकिन कहीं कोई नुकसान नहीं
भोपाल में शाम 6.30 से रात 8.30 तक लाइटनिंग हाई अलर्ट था। 7 बजे से 8.30 के बीच हर 15 मिनट में औसतन 3500 बार धरती पर आकाशीय बिजली से करंट डिस्चार्ज हुआ। शनिवार को भोपाल के 40 किमी दायरे में 6926 स्थानों पर बिजली गिरी थी। (भारतीय मौसम विभाग के आकाशीय बिजली चेतावनी दामिनी एप्लिकेशन के मुताबिक)
घरों में पानी भरा, छतों पर रह रहे लोग
छिंदवाड़ा के सौसर शहर के बीच से गुजरने वाले नाले में उफान आ गया। इससे निचले क्षेत्र में जलभराव हो गया। कई घरों में 3 फीट तक पानी भर गया। कुछ स्थानों पर तो आधे मकान पानी में डूब गए हैं। लोगों को परिवार सहित छत पर रहना पड़ रहा है। रहवासियों का कहना है कि नाले पर लोगों ने अतिक्रमण कर उसका रास्ता सकरा कर दिया है, जिस वजह से बहाव पूरा नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है। कई मंदिर भी पानी में डूब गए हैं। दुकानों में पानी में भर जाने के कारण काफी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।यहां टूटकर बरसे बदरा
मध्यप्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा छिंदवाड़ा के सौंसर में 8 इंच बारिश हुई। इस सीजन में यह प्रदेश के किसी इलाके में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा विदिशा, सीहोर, भोपाल और गुना में 5-5 इंच तक पानी गिरा।
बारिश ने मचाई तबाही
रायसेन में करीब 5 पांच बारिश गिरने से अधिकतर कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। सिलवानी के बमोरी थाना क्षेत्र के ग्राम मजरझिर में कच्चा मकान गिर गया। इसमें एक व्यक्ति छविदास (45) की मौत हो गई, जबकि राजकुमार (27) पुत्र रामबाबू आदिवासी घायल हो गया।
जानिए प्रदेश में कहां कितनी बारिश हुई (आंकड़े इंच में)
जिला 11 जुलाई तक हुई बारिश अब तक होनी थी बारिश % में
अनूपपुर 11.42 10.47 109
बालाघाट 8.66 12.64 69
छतरपुर 5.79 7.87 74
छिंदवाड़ा 17.17 10.63 161
दमोह 10.39 10.47 99
डिंडोरी 10.20 12.28 83
जबलपुर 13.82 10.59 130
कटनी 8.03 9.09 88
मंडला 11.81 12.20 97
नरसिंहपुर 8.43 10.20 83
निवाड़ी 4.92 6.34 78
पन्ना 7.05 9.65 73
रीवा 4.76 8.90 54
सागर 13.03 10.94 119
सातना 5.12 9.25 55
सिवनी 12.48 11.54 108
शहडोल 9.96 9.13 109
सीधी 4.72 9.92 48
सिंगरौली 5.47 8.11 67
टीकमगढ़ 4.92 8.46 58
उमरिया 8.39 9.80 86
आगर मालवा 8.35 7.95 105
अलीराजपुर 5.31 8.46 63
अशोकनगर 8.46 7.91 107
बाड़वानी 5.20 7.09 73
बैतूल 13.43 10.39 129
भिंड 2.48 5.08 49
भोपाल 15.43 9.49 163
बुरहानपुर 7.56 8.23 92
दतिया 3.19 6.02 53
देवास 12.56 8.58 146
धार 6.34 7.99 79
गुना 12.09 8.74 138
ग्वालियर 6.65 5.39 123
हरदा 17.76 9.65 184
इंदौर 8.62 8.23 105
झाबुआ 5.71 8.39 68
खंडवा 11.85 8.50 139
खरगोन 5.98 7.68 78
मंंदसौर 6.02 7.05 85
मुरैना 5.04 5.24 96
नर्मदापुरम 16.81 12.01 140
नीमच 6.10 6.81 90
रायसेन 13.98 10.59 132
राजगढ़ 10.47 8.03 130
रतलाम 7.32 7.40 99
सीहोर 14.09 9.65 146
शाजापुर 7.64 7.80 98
श्योपुरकलां 9.06 5.47 165
शिवपुरी 6.85 7.05 97
उज्जैन 9.45 8.23 115
विदिशा 15.24 11.50 133






