वर्धा जिले के पालक मंत्री एवं स्कूल शिक्षा तथा सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने सेवाग्राम विकास योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सेवाग्राम क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
यह समीक्षा बैठक जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें जिला कलेक्टर वनमती एस, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितिन रहमान, संरक्षक हरवीर सिंह, कार्यकारी अभियंता सतीश अंभोरे, जिला नियोजन अधिकारी अनिरुद्ध राजुरवार, महा ऊर्जा जिला प्रबंधक रितेश ताइवाड़ी, मुख्य अधिकारी राजेश भगत और कोषागार के वसीम खान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सरकार ने सेवाग्राम विकास योजना के तहत कुल 244.08 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी है, जिसमें पहले चरण में 145 करोड़ रुपए, दूसरे चरण में 17.51 करोड़ रुपए और तीसरे चरण में 81.57 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत अब तक 139 कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 95 कार्य पूरे हो चुके हैं।
इस अवसर पर पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने तीनों चरणों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना में “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी: एक अनुभव” नामक एक विशेष कार्यक्रम भी शामिल है, जिसका उद्देश्य सेवाग्राम की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है।
पर्यावरण संरक्षण के तहत इको फॉरेस्ट पार्क के कार्यों की भी समीक्षा की गई। पालक मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस पार्क के कार्यों की जांच करें और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके अलावा, उन्होंने पवनार ग्राम पंचायत भवन के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
पालक मंत्री ने हॉकर्स प्लाजा के समीप खुले स्थान के सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया और कहा कि इस क्षेत्र को आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने बिजली बचत के उद्देश्य से इस योजना के अंतर्गत ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाने का सुझाव दिया, ताकि बिजली बिल शून्य किया जा सके।
बैठक में पालक मंत्री ने स्पष्ट किया कि नियोजित विकास कार्यों को तीव्र गति से पूरा किया जाए, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि परियोजनाओं में निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला नियोजन अधिकारी अनिरुद्ध राजूरवार ने विकास कार्यों की विस्तृत योजना प्रस्तुत की और “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी: एक अनुभव” कार्यक्रम के तहत स्वीकृत कार्यों एवं परिचालक तंत्र की भी समीक्षा की गई।






