वर्धा मे खुलेआम उड़ रही प्रशासन के नियमों की धज्जियां
परमिशन न होते हुए भी डोंगे से किया जा रहा है रेत का खनन

वर्धा ब्यूरो : वर्धा के मांडगांव की वना नदी के घाट पर अवैध तरीके से रेत माफिया द्वारा रेत तस्करी का काम कई दिनों से शुरू है. राज्य सरकार ने राजस्व की चोरी रोकने के लिए नई रेत वितरण प्रणाली लागू की. इसके तहत रेत खरीदने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने की अपील की गई. तथा करोड़ों रुपए मैं बिकने वाले रेती घाट को मात्र कुछ लाख रुपए में डिपो बनाकर आवंटित किया गया. लेकिन रेत माफिया द्वारा सरकार के सभी नियमों को ठेंगा दिखाते हुए रेती माफियाओं ने रेती घाट से अवैध खनन करके रेती बेचने का काम रोजाना सैकड़ो ट्रक और टिप्परॉ द्वारा पिछले एक महीने से किया जा रहा है. कल सुबह तड़के मांडगांव के नदी घाट से अवैध रेत परिवहन किया जा रहा है ऐसी जानकारी पुलगांव के पुलिस निरीक्षक राहुल चौहान ने सेवाग्राम पुलिस को दी. सेवाग्राम पुलिस ने नाकाबंदी की और करीब 13 टिप्परों को और 1 ट्रैक्टर को अवैध तरीके से रेत की ढूलाई करते हुए पकड़ा व सेवग्राम पुलिस थाने में जप्त किया गया है. इस कार्रवाई से भी रेती माफियाओं को कुछ फर्क नहीं पड़ा है और कल शाम को भी रेत की अवैध ढुलाई कई ट्रक और टिप्परों द्वारा की गई और अवैध तरीके से रेत खनन की प्रक्रिया मांडगांव रेती घाट में बिना किसी डर के और बिना किसी संकोच के शुरू है. वर्धा जिले में सभी तरफ ऐसा ही कोहराम रेत माफियाओं ने मचाया हुआ है मगर सरकारी कर्मचारियों की नींद अभी तक नहीं खुली और उनकी इस चुप्पी का क्या अर्थ निकाला जाये यह बात गहराई से सोचने लायक है






