एमगिरी परिसर को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा: केंद्रीय मंत्री श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा

वर्धा -देश के समस्त नागरिक ग्रामोद्योग में तैयार उत्पादों को खरीदकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें, वोकल फ़ॉर लोकल बनें; इससे कारीगरों, ग्रामीणों उद्योजकों की आर्थिक-सामाजिक स्थिति को सुधारने में सहयोग मिलेगा। महात्मा गांधीजी का ग्रामोद्योग से स्वावलंबी व सशक्त भारत बनाने का एवं प. दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय संबंधी स्वप्न इसी से साकार होगा। अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी ने ग्रामोद्योग को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए मगनवाड़ी में ही मत्वपूर्ण कार्य शुरू किए थे; एमगिरी का यह ऐतिहासिक प्रांगण विश्वस्तरीय बनें, यहाँ देश-विदेश से बापू के विचारों से प्रेरणा लेने के लिए पर्यटक आयें, उद्योगों में इच्छुक लोग प्रौद्योगिकी का लाभ लेने आये; इसके लिए एक भव्य प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। एमगिरी के निदेशक डॉ. आशुतोष मुरकुटे के मार्गदर्शन में यह कार्य सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उपरोक्त उद्गार भानु प्रताप सिंह वर्मा, राज्य मंत्री, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार ने दिनांक: 29 अक्टूबर, 2023 को महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगीकरण संस्थान (एमगिरी) में दी गई भेंट के दौरान कहे।

एमगिरी द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी एवं विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पादों का देश के युवाओं, किसानों, महिलाओं, गोशालाओं, खादी संस्थानों को लाभ मिल रहा है और एमगिरी के माध्यम से देश में रोजगार सृजन हो रहा है, इसके लिए एमगिरी के निदेशक डॉ. आशुतोष मुरकुटे और एमगिरी के पूरी टीम की उन्होंने प्रशंसा की। डॉ. मुरकुटे द्वारा अल्प अवधि में ही एमगिरी को नई उचाइयों पर ले जाने हेतु किए जा रहे प्रयासों के लिए केंद्रीय मंत्री ने डॉ. मुरकुटे की पीठ थपथपाई।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने एमगिरी द्वारा विकसित दो वेबसाईट udyamisahayak.com एवं ruralhaat.com का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने एमगिरी के ग्रामीण शिल्प एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा मेघालय सरकार के वाणिज्या एवं उद्योग निदेशालय द्वारा ब्लैक पॉटरी उद्योग के सशक्तिकरण संबंधी प्रोजेक्ट के अंतर्गत की गई डाइग्नोटिक स्टडी रिपोर्ट, खादी एवं वस्त्र विभाग द्वारा विकसित हैंक डाइंग मशीन संबंधी पुस्तिका एवं ग्रामीण ऊर्जा एवं अवसंरचना विभाग द्वारा विकसित एल ई डी लाइट के राजभाषा हिंदी में तैयार गए प्रशिक्षण मैनुअल का विमोचन किया। श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा के करकमलों से एमगिरी में शुद्ध पेयजल व्यवस्था का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. मुरकुटे ने संस्थान के प्रांगण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की भव्य प्रतिमा एवं गांधीजी की स्मृतियों को संजोने हेतु यहाँ के धरोहर भवनों के पुनरुद्धार का कार्य संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से शीघ्र ही पूरा करने का विश्वास व्यक्त किया। इस कार्य हेतु बजट प्रदान करने के लिए और एमगिरी में नये पदों के सृजन हेतु तथा पंचगव्य पर अनुसंधान हेतु नया विभाग बनाने के लिए मंत्रालय द्वारा दी गई स्वीकृति के लिए डॉ. मुरकुटे ने मंत्री जी का आभार व्यक्त किया। डॉ. मुरकुटे ने एमगिरी द्वारा सोलर चरखा मिशन, कुम्हार सशक्तिकरण तथा देश के समस्त खादी संस्थानों और गोशालाओं के सशक्तिकरण हेतु किए जा रहे कार्यों से केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया।
श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने एमगिरी के ग्रामीण ऊर्जा एवं अवसंरचना विभाग, ग्रामीण शिल्प एवं अभियांत्रिकी विभाग, रासायनिक ग्रामोद्योगविभाग, जैव प्रसंस्करण एवं जड़ी-बूटी विभाग, खादी एवं वस्त्र विभाग और प्रबंधन एवं व्यवस्थापन विभाग द्वारा विकसित तकनीकों का तथा लाइवलीहुड बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और उनकी भूरी-भूरी सराहना की। एमगिरी के सभागार कक्ष में मंत्री श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा के साथ एमगिरी, के.वी.आई.सी., एन.एस.आई.सी. और डी.आई. एम.एस.एम.ई., नागपुर के सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने “मन की बात” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए उद्बोधन को सुना। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जयकिशोर छांगाणी ने किया।

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Author: newtraffictail

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