Biggest Pond Cruise: नववर्ष के आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बड़ी सौगात दी है. उन्होंने देश के सबसे बड़े रिवर क्रूज को राष्ट्र को समर्पित किया. अब भोपाल में तालाब में तैरने वाला सबसे बड़े क्रूज का निर्माण किया जा रहा है. इसका निर्माण कार्य आने वाले 4 महीनों में पूरा होने की संभावना है. यह फ्लोटिंग क्रूज कई मायनों में गंगा विलास क्रूज को टक्कर देगा. भोपाल में बन रहे क्रूज को बड़ा तालाब में उतारा जाएगा.
तालाब में तैरने वाला देश के सबसे बड़े फ्लोटिंग क्रूज का भोपाल में निर्माण किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो निर्माणाधीन क्रूज हाल में लॉन्च किए गए गंगा विलास क्रूज को कई मायनों में टक्कर देगा. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बड़ा तालाब में उतारा जाएगा. उम्मीद है कि शहरवासी और पर्यटक इस साल गर्मियों के सीजन में क्रूज पर मौज-मस्ती का लुत्फ उठा सकेंगे.
तालाब में तैरने वाला फ्लोटिंग क्रूज 4 महीने में तैयार हो जाएगा. इस क्रूज का रेस्टोरेंट गंगा विलास क्रूज से ज्यादा क्षमता वाला होगा. गंगा विलास क्रूज के रेस्टोरेंट में 40 लोग बैठ सकते हैं, जबकि भोपाल में बन रहे क्रूज में 200 लोगों के लिए सिटिंग अरेंजमेंट होगा.
तालाब में तैरने वाले इस सबसे बड़े फ्लोटिंग क्रूज की लंबाई 36.6 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर होगी. गंगा विलास क्रूज की लंबाई 62 मीटर है, जबकि चौड़ाई समान है. बड़ा तालाब में उतरने के बाद यह क्रूज आकर्षण का केंद्र बन सकता है.
भोपाल में बन रहे क्रूज में 20 सुइट होंगे, जिनमें 150 से 200 लोग रुक सकेंगे. इन सुइट्स में सभी तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी, ताकि पर्यटकों को किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े.
निर्माणाधीन क्रूज के फर्स्ट फ्लोर पर बैंक्वेट हॉल, डांस स्पेस और 8 सुइट होंगे. सेकेंड फ्लोर पर 12 सुइट होंगे. इससे विभिन्न फ्लोर पर भीड़ भी इकट्ठा नहीं होगी. यक क्रूज .8 मीटर तक पानी में डूबा रहेगा.
क्रूज के तीसरे फ्लोर पर ऑपरेटिंग केबिन होगा. इसमें चालक दल के 12 सदस्य रह सकेंगे. क्रूज के बेसमेंट में इंजन, इलेक्ट्रिकल और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की भी व्यवस्था होगी. इस क्रूज का वजन 155 टन के करीब होगा. इसमें हर मैटेरियल को अच्छी तरह से जांच-परख कर लगाया जाएगा.






