अमेरिका के बर्फीले तूफान में जमा नियाग्रा फॉल्स:तापमान जीरो डिग्री से कम, दुनिया के सबसे ऊंचे झरने पर बर्फ बनी पानी की चादर

अमेरिका और कनाडा में आया बॉम्ब साइकलोन सदी के सबसे बड़े बर्फीले तूफानों में से एक माना जा रहा है। इसने वहां के लोगों के जीवन को तो अस्त-व्यस्त किया ही है साथ ही दुनिया के सबसे ऊंचे झरने नियग्रा फॉल्स को भी जमा दिया है। पर जमे हुए नियग्रा फॉल्स के वीडियो काफी वायरल हो रहे हैं। नियाग्रा फॉल्‍स अमेरिका के न्‍यूयॉर्क और कनाडा के ओंटारियो बॉर्डर पर पड़ता है। यहां तापमान -52 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। अमेरिका के बर्फीले तूफान का सबसे ज्यादा असर न्यूयॉर्क में ही दिखा है। जहां अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है।

नियाग्रा फॉल्स पर पानी की चादर बर्फ में बदली तापमान जीरो डिग्री से भी नीचे जाने के कारण नियाग्रा फॉल्स में पानी की चादर बर्फ में बदल गई है। जिससे वहां का नजारा किसी वंडरलैंड जैसा हो गया है। कड़कड़ाती ठंड में भी टूरिस्ट वहां जाकर तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। दुनिया का सबसे ऊंचा झरना पानी के ज्यादा विस्तार की वजह से कभी भी पूरी तरह से नहीं जमता है।

9 साल पहले -12 डिग्री हो गया था नियाग्रा फॉल्स का तापमान न्यूयॉर्क स्टेट पार्क के मुताबिक नियाग्रा फॉल्स में हर सेकेंड पर 3160 टन पानी बहता है। जो 32 फीट प्रति सेकेंड के हिसाब से गिरता है। 9 साल पहले 2014 में झरने का पानी भी हवा में बर्फ बन गया था। तापमान -12 डिग्री होने के कारण आगे की तरफ नदी पूरी तरह से जम गई थी। आइसब्रेकर नावों से नदी में बर्फ की कटाई की गई। ताकि पानी का बहाव बना रहे। हालांकि कुछ स्थानों पर बर्फ इतनी मजबूत हो गई थी कि उसे तोड़ना मुश्किल हो गया था।

अब तक महज 7वीं बार जमा है नियाग्रा फॉल नियाग्रा वॉटरफॉल का बहाव इतना तेज है कि यह अब तक के इतिहास में महज 7वीं बार ही जमा है। 1848 में पहली बार जमने के बाद 1911, 1912, 1917, 2014 और 2015 में भी यह वाटरफॉल जमा था।

 

newtraffictail
Author: newtraffictail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

FOLLOW US

Live Cricket

POll

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

TRENDING NEWS

Advertisement

GOLD & SILVER PRICE

Rashifal