छात्राओं के लिए खुशखबरी! छत्तीसगढ़ में खोले जाएंगे नए मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज 

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेज के साथ नए नर्सिंग कॉलेज खोलने की योजना बनाई है. अभी प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों में केवल कवर्धा में ही सरकारी नर्सिंग कॉलेज का संचालन हो रहा है. इन कालेजों की बिल्डिंग और जरूरी उपकरणों के लिए केंद्र सरकार 10 करोड़ रुपये देगी.

छत्तीसगढ़ में छात्राओं को एक नई सौगात मिलने जा रही है. जहां नए मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ नर्सिंग कॉलेज भी खोले जाएंगे. 2023 में प्रदेश में 4 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. इन कालेजों में नर्सिंग कॉलेज भी खोले जाएंगे. इस में बीएससी नर्सिंग की 50 सीटें होंगी. इन कालेजों की बिल्डिंग और जरूरी उपकरणों के लिए केंद्र सरकार 10 करोड़ रुपये देगी. प्रदेश में अभी 8 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, नए एमबीबीएस कॉलेज खुलने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी. अगले साल कवर्धा जांजगीर चांपा मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.

केंद्र प्रवर्तित योजना के तहत खोले जाएंगे नर्सिंग कॉलेज
केंद्र सर कार ने छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेज के साथ नए नर्सिंग कॉलेज खोलने की योजना बनाई है. अभी प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों में केवल कवर्धा में ही सरकारी नर्सिंग कॉलेज का संचालन हो रहा है. बाकी जिला मुख्यालयों में सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेज नहीं है. जानकारों का कहना है कि जहां-जहां मेडिकल कॉलेज का संचालन होत रहा है. बाकी जिला मुख्यालयों में सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेज नहीं है. जानकारों का कहना है कि जहां-जहां मेडिकल कॉलेज का संचालन होता है, वहां नर्सिंगकॉलेज भी होना चाहिए.

प्राइवेट कॉलेज की तुलना महज 6 फीसदी हैं सरकारी कॉलेज
प्रदेश में निजी नर्सिंग कॉलेजों की तुलना में सरकारी कॉलेजों की संख्या 9 फीसदी है प्रदेश में 141 नर्सिंग कॉलेज हैं जिसमें से 133 निजी है इस साल निजी कॉलेज 25 से ज्यादा बढ़कर पिछले 4 साल में से एक भी नया सरकारी कॉलेज नहीं खुला. इस वजह से ज्यादातर छात्रों को निजी कालेजों में ही पढ़ाई करनी पड़ती है मेडिकल एजुकेशन से जुड़े. जानकारों का कहना है कि प्रदेश में सरकारी कॉलेज  खुलना चाहिए ताकि छात्राओं को सस्ती और अच्छी पढ़ाई उपलब्ध हो सके.

प्रदेश में निजी कॉलेजों की संख्या इतनी ज्यादा है कि इस साल बीएससी नर्सिंग की 28 सौ से ज्यादा सीटें खाली रही. यही वजह है कि प्राइवेट नर्सिंग एसोसिएशन ने 12वीं बायोलॉजी के अनुसार नर्सिंग में एडमिशन देने की मांग की थी लेकिन इसे खारिज कर दिया गया. इस मामले में कई कांग्रेसी विधायकों ने सीएम को सीएम से गुहार लगाई है सरकारी कालेज खोले जाएं.

गरीब छात्राओं को मिलेगा बड़ा लाभ
छत्तीसगढ़ के दूरदराज अंचल में रहने वाली छात्राओं को काफी समस्या होती हैं. कई ऐसी छात्राएं हैं जो निजी कॉलेजों की फीस भरने की क्षमता नहीं होती हैं और नर्सिंग शिक्षा से वंचित हो जाती है. सरकारी कॉलेजों के खुलने से छात्राओं को इसका बड़ा  लाभ मिलेगा.

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Author: newtraffictail

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