मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने एक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की बात कही। पन्ना में हुई इस सभा में पटेरिया ने कहा कि अगर लोकतंत्र को बचाना है तो मोदी की हत्या को तत्पर रहो। हत्या का मतलब हराना है। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- ये विद्वेष की पराकाष्ठा है। ये घृणा की अति है। कांग्रेस के असली भाव प्रकट हो गए हैं। ऐसी चीजों को सहन नहीं किया जाएगा। कानून अपना काम करेगा।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पटेरिया पर FIR के निर्देश दिए। जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पटेरिया के खिलाफ एक मामला पन्ना के पवई थाने में दर्ज किया गया है। हालांकि, पटेरिया ने बयान पर विवाद के बाद कहा कि वे गांधी को मानने वाले हैं और गांधी को मानने वाला हत्या की बात नहीं कर सकता। VIDEO गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है।
पहले जानते पूर्व मंत्री ने क्या कहा…
पटेरिया का यह बयान 11 दिसंबर का है। वे पन्ना जिले के मंडलम में कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे। तभी उन्होंने कहा- मोदी इलेक्शन खत्म कर देगा। मोदी धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बांट देगा। दलितों का, आदिवासियों का और अल्पसंख्यकों का भावी जीवन खतरे में है। संविधान अगर बचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तत्पर रहो। हत्या इन द सेंस … हराने के लिए तैयार रहो।
पटेरिया ने एक दिन बाद सफाई दी, कहा- मेरी बात को गलत तरीके से दिखाया
विवाद बढ़ने के बाद पटेरिया ने सोमवार को सफाई दी और एक वीडियो जारी किया। इसमें कहा- जो वीडियो वायरल हो रहा है वह कार्ड वितरण के दौरान का वीडियो है। इस वीडियो में मोदी की हत्या की जो बात है, वह गलत तरीके से बताई जा रही है। मैं गांधी को मानने वाला आदमी हूं। मैं इस तरह की बात नहीं कर सकता।
CM शिवराज बोले, कांग्रेस के असली भाव प्रकट हो गए
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, भारत जोड़ो यात्रा का ढोंग करने वालों की असलियत सामने आ रही है। मोदी जी जनता के दिलों में बसते हैं। संपूर्ण देश की श्रद्धा और आस्था का केंद्र हैं। मैदान में उनसे मुकाबला नहीं कर पाते, इसलिए कांग्रेस के नेता मोदी जी की हत्या की बात कर रहे हैं। ये विद्वेष की पराकाष्ठा है। ये घृणा की अति है। कांग्रेस के असली भाव प्रकट हो गए हैं। ऐसी चीजों को सहन नहीं किया जाएगा। कानून अपना काम करेगा।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बोले- ये महात्मा गांधी की नहीं, इटली की कांग्रेस
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में कांग्रेस के पूर्व मंत्री राजा पटेरिया के बयान को आपत्तिजनक बताया। साथ ही FIR के निर्देश दे दिए। उन्होंने कहा- पटेरिया जी के बयानों को मैंने सुना, इससे साफ हो रहा है कि यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है, इटली की कांग्रेस है। इटली की मानसिकता मुसोलिनी वाली है। राहुल गांधी की यात्रा में स्वरा भास्कर, कन्हैया कुमार, सुशांत सिंह चल रहे हैं, उससे भी यह स्पष्ट हो जाता है।
BJP प्रदेशाध्यक्ष ने की जांच की मांग
BJP प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी जांच की मांग की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा- पूर्व मंत्री राजा पटेरिया द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के लिए जनता ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उकसाना अत्यंत गंभीर और निंदनीय है। क्या हाल ही में मध्यप्रदेश से निकली राहुल गांधी की ‘भारत तोड़ो यात्रा’ में इस साजिश की तैयारी हुई? इसकी जांच होनी चाहिए।
घोटाले का भी है आरोप, ED कर चुकी है पूछताछ
राजा पटेरिया अपने और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्वजय सिंह के खिलाफ निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रति अनुचित पक्षपात करने के भ्रष्टाचार के मामले में आरोपित हैं। इस केस की ED जांच कर रही है। इस मामले में भोपाल में पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के सामने भी राजा पटेरिया पेश हुए हैं। राजा पटेरिया पर इस मामले में 2001-02 में तकनीकी शिक्षा निदेशालय द्वारा नियमों का उल्लंघन कर प्रवेश देने के लिए 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था। तत्कालीन जनशक्ति नियोजन मंत्री रहे राजा पटेरिया की सिफारिश पर दिग्विजय सिंह ने जुर्माने की राशि 25 लाख रुपए से घटाकर 5 लाख रुपए कर दी थी, लेकिन जब व्यापमं घोटाले में दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मोर्चा संभाला तो EOW ने मामले की जांच शुरू कर दी।
पहले भी दिए विवादित बयान
करीब 10 महीने पहले भी राजा पटेरिया ने विवादित बयान दिया था। तब दमोह के रैपुरा थाना प्रभारी से कहा था- क्षेत्र के आदिवासी जो 2005 के पहले से जंगल की जमीन पर काबिज हैं और खेती करके अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं, उन्हें हटाना गलत है। इस तरह आदिवासियों को परेशान करना, उनकी महिलाओं से मारपीट करना कानूनन गलत है। संसद में कानून पारित किया गया है कि जो भी आदिवासी 2005 के पहले से वन भूमि पर काबिज हैं, उनको उसका पट्टा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि बस्तर और आंध्र प्रदेश में नक्सलवाद पनप रहा है, क्योंकि आदिवासियों को न्याय नहीं मिलेगा तो उन्हें मजबूरी में हथियार उठाने पड़ेंगे।






