शीतकालीन सत्र से पहले PM की अपील- सदन चलने दें:कहा- युवा सांसदों के भविष्य के लिए उन्हें बहस में भाग लेने का मौका मिले

संसद का शीतकालीन सत्र बुधवार से शुरू हो गया। सदन में जाने से पहले पीएम मोदी ने मीडिया से बात की। उन्होंने सभी दलों के सभी नेताओं से अपील की कि वे सदन की कार्रवाई होने दें। बिना शोरगुल और व्यवधान के चर्चाओं को आगे बढ़ने दें।

सत्र की शुरुआत से पहले अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने मुलायम सिंह यादव के सम्मान में स्पीकर से सदन को आधे दिन के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया है। श्रद्धांजलि पढ़ने के बाद लोकसभा आज एक घंटे के लिए स्थगित होगी।

पढ़िए PM मोदी ने क्या-क्या कहा

ये सत्र काफी महत्वपूर्ण है। अमृतकाल की यात्रा में हम आगे बढ़ रहे हैं। विश्व समुदाय में भारत का स्थान बढ़ा है। G-20 की मेजबानी मिलना भारत के लिए बड़ा अवसर है।
यह समिट सिर्फ एक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं है। बल्कि दुनिया के सामने भारत की क्षमता को दिखाने का मौका है। इतना बड़ा देश, लोकतंत्र की जननी, इतनी विविधता, इतनी क्षमता… दुनिया को भारत को जानने में मदद मिलेगी।
पहली बार सदन में आए युवा सांसद के उज्जवल भविष्य के लिए हम ज्यादा से ज्यादा अवसर उनको दें। चर्चाओं में भागीदार बनाएं। पिछले दिनों सभी दलों के सांसदों से मेरी मुलाकात हुई है।

वे एक बात कहते हैं सदन स्थगित हो जाता है। चर्चा न होने के कारण हम जो सीखना चाहते हैं समझना चाहते हैं, उससे अछूत रह जाते हैं।
इसलिए सदन का चलना बहुत जरूरी है। ये सभी युवा सांसदों की मांग है। विपक्ष की भी मांग है कि डिबेट में हमें बोलने का मौका नहीं मिलता है। हमारा बहुत नुकसान होता है।
सभी नेता हमारे सांसदों की वेदना समझें। देश के विकास में उनका योगदा लोकतंत्र के लिए जरूरी है। मैं सभी दलों के सभी सांसदों से सत्र को प्रोडक्टिव बनाने की अपील करता हूं।
आज पहली बार हमारे उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के रूप में पहला सत्र और पहला दिन होगा।
राष्ट्रपति ने भारत की आदिवासी परंपरा के गौरव को बढ़ाया है। उसी तरह किसान पुत्र वाइस प्रेसिडेंट देश का गौरव बढ़ाएंगे। उनको भी मेरी तरफ से शुभकामनाएं।
17 बैठकें होंगी, 29 दिसंबर खत्म होगा सेशन
यह सत्र कुल 23 दिनों का होगा, जिसमें 17 बैठकें होंगी। इस मौके पर सरकार कुल 16 बिल पेश करेगी। इधर, विपक्ष सत्र के दौरान हर दिन एक नया मुद्दा लेकर चर्चा करने की रणनीति बना रही है। माना जा रहा है कि सत्र के दौरान संसद में महिला आरक्षण का मुद्दा फिर से उठ सकता है। इसके अलावा मोरबी हादसा, महंगाई, बेरोजगारी, चुनाव आयोग अरुण गोयल की नियुक्ति और जजों की नियुक्ति पर कॉलेजियम सिस्टम पर विपक्ष केंद्र को घेर सकता है। सदन की कार्यवाही 29 दिसंबर को समाप्त होगी।

मंगलवार को हुई ऑल पार्टी मीटिंग
इससे पहले मंगलवार को ऑल पार्टी मीटिंग हुई थी। जिसमें विपक्षी पार्टियों ने बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और EWS आरक्षण पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक दिन में इलेक्शन कमिश्नर की नियुक्ति का मुद्दा उठाया। TMC नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि विपक्ष को सत्र के दौरान आवाज उठाने की छूट होनी चाहिए।

सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले राज्य सभा ने सांसदों के लिए आचार संहिता जारी की है। सत्र के पहले दिन लोकसभा में दोनों सत्रों के बीच गुजर चुके सांसदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। अक्टूबर में समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव की लंबी बीमारी के चलते मृत्यू हो गई थी। इस सत्र में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पहली बार राज्यसभा की अध्यक्षता करेंगे।
सत्र में पेश किए जाएंगे 16 विधेयक

पिछले हफ्ते सरकार ने शीतकालीन सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले 16 विधेयकों की लिस्ट जारी की थी। 16 विधेयक में एक नेशनल डेंटल कमिशन बिल है, जिसके तहत 1948 के डेंटल एक्ट को खत्म कर एक नेशनल डेंटल कमिशन बनाई जाएगी। नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफ्री कमिशन बिल के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय नेशनल नर्सिंग और मिडवाइफ्री कमिशन लाना चाहता है। इसी के साथ 1947 के इंडियन नर्सिंग काउंसिल एक्ट को खत्म कर दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार कैंटोनमेंट बिल 2022, ओल्ड ग्रांट रेगुलेशन बिल और कोस्टल एक्वाकल्चर अथॉरिटी अमेंडमेंट बिल लाने की तैयारी में है।

तीन विधेयक के खिलाफ है कांग्रेस
सरकार ने जो 16 बिल लिस्ट किए हैं उनमें से कांग्रेस पार्टी तीन के सख्त खिलाफ है। कांग्रेस का कहना है कि बॉयोलॉजिकल डायवर्सिटी अमेंडमेन्ट बिल 2021, मल्टी स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटी अमेंडमेन्ट बिल 2022 और फॉरेस्ट कन्सर्वेशन अमेंडमेंट बिल 2022 को स्थायी समितियों को सौंपा जाना चाहिए। वर्तमान रूप में इन विधेयक पर चर्चा नहीं की जा सकती और कांग्रेस पार्टी इनका समर्थन नहीं करती है।

राहुल गांधी नहीं होंगे सत्र में शामिल
जयराम रमेश ने कहा है कि इस संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शामिल नहीं हो पाएंगे, क्योंकि उस समय वह भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्त होंगे। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी यात्रा को बीच में छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहते। यही वजह है कि राहुल गांधी हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए रैली करने नहीं गए। हालांकि, कांग्रेस ने राहुल और सोनिया गांधी समेत 40 बड़े नेताओं का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया था।
पुरानी बिल्डिंग में संभवत: यह आखिरी सत्र होगा
इसके अलावा यह शीतकालीन सत्र संसद की वर्तमान बिल्डिंग में आखिरी होगा। इसके बाद साल 2023 में बजट सत्र होगा जोकि संसद की नई बिल्डिंग में पहला सत्र होगा। साल का पहला सत्र लोक सभा और राज्य सभा के सदस्यों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति के भाषण के साथ शुरू होता है।

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Author: newtraffictail

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