बस्तर के नक्सलियों के पास मिले अमेरिकी हथियार:जवानों ने बरामद किया US मेड वेपन, दूसरे विश्व युद्ध में सबसे ज्यादा हुआ था उपयोग

छ्त्तीसगढ़ में बस्तर के माओवादी काफी हाईटेक हो गए हैं। माओवादियों के पास एक तरफ जहां देसी हथियार है तो वहीं दूसरी तरफ अब उनके पास अमेरिका का हथियार भी पहुंच गया है। जवानों के खिलाफ माओवादी अमेरिकी हथियार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा हाल ही में हुई एक मुठभेड़ के बाद बरामद हथियार से हुआ है। अब ऐसे में फोर्स की चिंता भी बढ़ गई है। हालांकि, सवाल यह भी है कि, आखिर माओवादियों के पास विदेशी हथियार आ कहां से रहे हैं? दरअसल, 26 नवंबर को पोमरा में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में जवानों ने 4 माओवादियों को ढेर किया था। इनके पास से 4 बंदूक और भारी संख्या में सामान बरामद किया गया था। जब पुलिस ने इन हथियारों को देखा और इसकी डिटेल निकाली तो पता चला कि एक हथियार अमेरिका का है। रायफल में US आटोमेटिक कार्बाइन कैलीबर 30M1 भी लिखा हुआ है।

पहले भी मिल चुका है विदेशी हथियार दरअसल, कुछ महीनों पहले बस्तर के नारायणपुर जिले के अबुझमाड़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ के बाद जब जवानों ने घटना स्थल की सर्चिंग की तो उन्होंने एक रायफल बरामद की। यह जर्मन मेड रायफल थी। हालांकि, यह भी नक्सलियों के पास कैसे पहुंची थी इसकी जानकारी आज तक नहीं मिल पाई है।

यह भी जानिए इंटरनेट से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हथियार का डिजाइन 1938-1941 के मध्य डेविड मार्शल विलियम्स ने किया था जो 1942 से 1973 तक उपयोग में लाया गया था। इस हथियार की मारक क्षमता 300 गज बताई जा रही है। जिससे एक साथ 15 से 20 राउंड फायर किया जा सकता है। जो बेहद ही घातक साबित होता है। इस हथियार का उपयोग US सैनिकों ने दूसरे विश्व युद्ध के समय किया था।

SP बोले- हमने नक्सलियों को चोट पहुंचाई बीजापुर SP आंजनेय वार्ष्णेय ने कहा कि, बीजापुर में किसी मुठभेड़ के बाद पहली बार US निर्मित रायफल बरामद किया गया है। यह आटोमेटिक रायफल है। नक्सलियों के पास से ऐसे हथियार को बरामद कर उन्होंने नक्सलियों को सिर्फ मुंबतोड़ जवाब ही नही दिया बल्कि उन्हें बड़ा नुकसान पहुंचाते हुए एक करारा झटका भी दिया है।

देश भर में 132 माओवादियों की हुई मौत दरअसल, माओवादी PLGA सप्ताह के दौरान अपने सालभर के आंकड़ों को भी सार्वजनिक करते हैं। माओवादियों के सेंट्रल कमेटी के नेता अभय ने कुछ दिन पहले प्रेस नोट जारी किया था। अभय ने बताया था कि, पिछले दिसंबर 2021 से नवंबर 2022 तक इस 1 साल में देश भर में उनके 132 लाल लड़ाके मारे गए हैं। करीब 31 जवानों को शहीद और 154 जवानों को घायल किया है। वहीं 69 पुलिस के मुखबिरी की हत्या की है।

अंदरूनी इलाकों में घुसे जवान, भनुप्रतापपुर में फोकस माओवादियों के PLGA सप्ताह को देखते हुए बस्तर के सातों जिलों में फोर्स को अलर्ट किया गया है। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा इन तीन जिलों में जवान अलग-अलग इलाकों में पिछले कुछ दिनों से घुसे हुए हैं। वहीं कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विधानसभा का इन दिनों ही उपचुनाव होना है। वहां भी ज्यादा फोकस किया गया। सुरक्षा बढ़ाई गई है। सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है।

 

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Author: newtraffictail

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