12 अक्टूबर को Supreme Court मे PM मोदी के नोटबंदी के फैसले पर सुनवाई, Live स्ट्रीमिंग पर होगा प्रसारण : 5 जजो कि बेंच गठित

देश : 12 अक्टूबर को Supreme Court मे खुलेगी PM मोदी के फैसले फ़ाइल-Live स्ट्रीमिंग पर होंगी सुनवाई : 5 जजो कि बेंच गठित 2024 के इलेक्शन के पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत बड़ी मुसीबत में पढ़ने पढ़ सकते हैं आखिर ऐसा क्या हो सकता है जो नरेंद्र मोदी पर सवाल उठ सकते हैं आइए जानते पूरा मसला और कैसे 2016 की गलती के लिए अब परिणाम हो सकते हैं. आने वाली अक्टूबर की 12 तारीख को और यह मामला सुप्रीम कोर्ट में एक अहम मामले में सुनवाई होने वाली है पीएम मोदी के फैसले से जुड़ा हुआ है इस फैसले से जुड़ा हुआ है जिसमें मोदी जी ने ना तो अपने मंत्रियों की सुनी थी. डॉक्टर हर्षवर्धन का रिकॉर्ड बयान है कि मंत्रियों को कमरे में बंद कर दिया गया था सिर्फ 4 लोगों ने फैसला लिया था और कहा था जो कुछ जिम्मेदारी है मेरी है. पर अब उस फैसले पर 12 अक्टूबर से बड़ा बम गिरने वाला है. बम कैसे गिरेगा इसको समझने के लिए थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है क्योंकि इसमें बहुत सारी बातें हैं जो हम आपको इस पूरे लेख में समझाएंगे.

12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में शुरू होगी सुनवाई 5 जजों की बेंच है जिसकी सुनवाई करेगी मंगलवार को इस बेंच का गठन कर दिया गया है. जस्टिस अब्दुल नजीर, जस्टिस भूषण गवई, जस्टिस ए एस बोपन्ना, जस्टिस वी सुब्रमण्यम,और बी वी जस्टिस नागरतना, मामले की सुनवाई करेंगे.

Live होगी सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट अपने सारी कार्रवाई को Live करने जा रहा है सुप्रीम कोर्ट ने अपना एक यूट्यूब चैनल बनाया है जिस पर सारी करवाई और पूरे दिन की चर्चा लाइव दिखाई जाएगी. अगर इस मामले में कुछ भी 19-20 होगा तो सुप्रीम कोर्ट की साख और सुप्रीम कोर्ट की भरोसेमंदगी पर सवाल उठेगा

जानिए क्या है मामला जिस पर होगी सुप्रीम कोर्ट में LIVE सुनवाई जो सुनवाई होने वाली है वह नोटबंदी के मामले पर है.सुप्रीम कोर्ट पर जो सुनवाई होने वाली है वह एक या दो याचिकाओं पर नहीं बल्कि पूरे 58 याचिकाओं पर सुनवाई होने वाली है. मसला है 8 नवंबर को 8:00 बजे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में खड़े होकर ऐलान किया था कि ₹1000और 500 के नोट आज से बंद कर दिए जाएंगे और ₹2000 के नए नोट निकाले. उस फैसले की समीक्षा अब हो रही है इस फैसले के खिलाफ जितनी याचिका डाली गई थी उन सब याचिकाओं पर सुनवाई कब शुरू हो रही है जबकि आम चुनाव में 2 साल भी नहीं बचे हैं यह सुनवाई लाइव होने वाले कैमरे पर वह भी सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में.

नोटबंदी के फैसले को गलत कैसे साबित करेंगे नोटबंदी करते समय अहम मुद्दे नोटबंदी करने के लिए आवश्यक बताए गए थे जो आपको जानना जरूरी है. केंद्र सरकार ने कहा था कि नोटबंदी करने से नक्सलवाद और आतंकवाद पर पूरी तरह रोक लग जाएगी उनकी कमर टूट जाएगी क्योंकि उनके पास नोट नहीं रहेंगे. कश्मीर के आतंकवादी के कमर पर लात पड़ेगी.उनके नोट छीन जाएंगे लेकिन ऐसा हो ना सका 2016 से 2022 आ गया लेकिन आतंकवाद में कोई कमी नहीं आई इन सालों मे भी परिस्थिति थी कि लंबे समय तक कश्मीर मे कर्फ्यू लगा कर रखना रखना पड़ा आतंकवादियों से लड़ते हुए कई सैनिक और कई जवान शहीद हो गए और आतंकवाद की परिस्थितियां अभी तक बिगड़ी हुई है. पुलवामा कांड हुआ और और अब भी आतंकवाद की हालत काबू में नहीं है. तो अब यह बिल्कुल नहीं कह सकते कि आतंकवाद पर नोटबंदी के द्वारा चोट पड़ी.

नोटबंदी करते समय केंद्र सरकार ने यह भी कहा था कि नोटबंदी से काला धन समाप्त होगा.और नए नोट जो लाये जा रहे ही उनके जैसे नकली नोट नहीं बन सकते. RBI की रिपोर्ट हैँ की 2016 से लगातार नकली नोट पकडे जा रहे हैँ. तो सरकार का यह दावा भी फेल हो गया कि इस नई करेंसी के नकली नोट नहीं बनाए जा सकते इस बात पर भी केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट में जवाब देना पड़ेगा. नोटबंदी के बाद 2016 से जो पैसा RBI ने छापा था उस उसमें से ₹9लाख 21 हजार करोड़ के नोट कहां है किस तिजोरी में है नहीं उसका कोई हिसाब नहीं हैँ.यह मत सोचिएगा कि फट गए होंगे पुराने हो गए होंगे क्योंकि जो फटे पुराने नोट होते उसका हिसाब अलग से आरबीआई रखता है और उन्हें वापस आरबीआई में जमा करके उसके बदले और नए नोट छाप कर वापस बैंकों में और मार्केट में देता है. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट है कि छापे गए नये करेंसी मे से कुल 1680 करोड से ज्यादा करेंसी नोट सरकुलेशन से गायब है जिसका कुल कैलकुलेशन 921000 करोड रुपए होता है. नई करेंसी कम साइज की छाती गई है उससे काले धन को और बढ़ावा मिला है जैसे पहले अगर एक ब्रीफकेस में ₹10,00000 के नोट रखे जा सकते थे उसी ब्रीफकेस में यह 2000 की नई छोटी नोट करीबन ₹50,00000 रखी जा सकती है.मतलब 5 गुना ज्यादा. जिस से कालाधन लाना ले जाना और छुपाना पहले से ज्यादा आसान हो गया हैँ.

आवाम को यह जानना बहुत जरूरी है कि 2016 में नोटबंदी आखिर क्यों की गई?और नोटबंदी अगर हुई है और देश के लाखों-करोड़ों लोग भयानक समस्याओं से गुजरे और जिसके बाद आर्थिक हालात बहुत खराब हो गए देश की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है मिडिल क्लास लोगों की स्थिति हद से बदहाल हो गई थी,उस नोटबंदी का आखिर देश को कुछ फायदा हुआ है या सिर्फ राजनीति के लिए नोटबंदी की गई ताकि विरोधी पार्टियों के नेताओं के सारी जमा पूंजी खत्म करके उन्हें पूर्ण तरह फाइनेंशली इकोनॉमिकली उनकी कमर तोड़ के सिर्फ खुद को पावरफुल बनाया जाए इस मकसद से नोटबंदी की गई अब यह सुनवाई जब सुप्रीम कोर्ट में शुरू होगी तो देश की पूरी जनता इस बात को देखेगी और सच्चाई सबके सामने आएगी. 12 अक्टूबर याद रखेगा सुनवाई शुरू हो रही है उस दिन से बाय-बाय करने का स्कोप नहीं रहेगा वह खुली होगी सबके सामने होगी सुप्रीम कोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग कर रहा है और सरकार को यह बताना पड़ेगा अदालत मे की नोटबंदी क्यों की थी? ये किसका फैसला था? कहां से प्रेरित था? इस फैसले के पीछे मकसद क्या था? जो मकसद था आपने अचीव क्यों नहीं किया? जवाब तो देना पड़ेगा और जब जवाब दे रहे होंगे तो देश देख रहा होगा इसलिए अब जो आने वाला समय है तो मोदी जी के लिए मुश्किल होगा.

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Author: newtraffictail

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