धार में भरुडपुरा और कोठीदा के बीच कारम नदी पर बनाए जा रहे डैम में लीकेज के बाद पानी का रिसाव बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह भारी मात्रा में बांध के एक तरफ की मिट्टी बह गई। मिट्टी से बनी डैम वॉल का बड़ा हिस्सा ढह गया। प्रशासन ने आसपास के 11 गांवों को खाली करा रहा है। इससे करीब 40 हजार लोग प्रभावित हैं। डैम का पानी जिस नदी में जाएगा उस पर आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे-3 (AB रोड) का पुल है। हाईवे पर ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए प्रशासन की टीम तैनात है। वाहनों की आवाजाही कम कर दी है। इससे जाम के हालात बन गए।
सीमेंट के स्ट्रक्चर के अलावा पानी को रोकने के लिए भी मिट्टी का बांध बनाया जाता है, यह रिसाव मिट्टी के बांध वाले हिस्सा में सामने आया है। इंदौर के साथ भोपाल से विशेषज्ञों की टीम डैम को देखने पहुंची। डैम के गेट खोलकर पानी निकालने की तैयारी की जा रही है। मरम्मत का काम भी तेजी से शुरू हो चुका है। फिलहाल बारिश रुकी हुई है। लेकिन अगले कुछ घंटों में बारिश होती है तो हालात बिगड़ सकते हैं। अगले 10 घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
4 साल से डैम का काम चल रहा
धार जिले में 304.44 करोड़ की लागत से कारम नदी पर डैम बनाया जा रहा है। कारम नदी परियोजना के लिए 4 साल से काम चल रहा है। डैम पूरी तरह बन जाने के बाद 52 गांवों में 10500 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। बांध में शुक्रवार दोपहर से ही रिसाव शुरू हो गया था। तब से ही प्रशासन की टीम मौके पर है। आसपास के 11 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को अलर्ट किया गया है। रिसाव अगर और बढ़ता है तो पानी गांवों तक पहुंच जाएगा। आसपास के रास्ते भी डूब जाएंगे।
इन गांवों में अलर्ट
डैम का जल संग्रहण क्षेत्र 183.83 वर्ग किमी है। बांध की लंबाई 564 मीटर और चौड़ाई 6 मीटर है। जल भरण क्षमता करीब 43-98 मीट्रिक घन मीटर रखी जाएगी। अधिकारियों ने निरीक्षण करने के बाद कोठीदा, भारुडपुरा, इमलीपुरा, भांडाखो, दुगनी, डेहरिया, सिमराली, सिरसोदिया, डहीवर, लसनगांव व हनुमंतिया जैसे गांवों में प्रशासन की टीम तैनात है।
इंदौर से 78 किमी दूर ट्रैफिक रोका
खलघाट से इंदौर रोड आने और इस रास्ते से जाने वालों के लिए इंदौर से 78 किमी दूर ट्रैफिक रोक दिया गया है। निर्माणाधीन कोरवा डैम की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। लीकेज की वजह से हादसा न हो जाए, इसलिए प्रशासन ने दोनों ओर का ट्रैफिक रोक दिया है। सबसे ज्यादा स्थिति मानपुर घाट के आगे और खलघाट के बीच गुजरी ग्राम में है। इस वजह से दोनों ओर कई किमी लंबा जाम लग गया है। हजारों वाहन और परिवार फंस गए हैं।
8 गांवों की जमीन डूब में
ग्राम कोठीदा में कारम मध्यम सिंचाई परियोजना का शिलान्यास एवं भूमिपूजन चार साल पूर्व तत्कालीन प्रभारी मंत्री अंतर सिंह आर्य ने किया था। इस परियोजना से आठ गांव की जमीन डूब में गई थी। करीब 8 से 11 हजार हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी मिलना था। डैम के निर्माण के समय से मुआवजा राशि काे लेकर समय-समय पर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल तक की थी।
विधायक बोले- घटिया मटेरियल लगाया
धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेड़ा मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों से चर्चा कर सभी को सुरक्षित स्थानों पर जाने काे कहा। मेड़ा ने कहा डैम निर्माण में घटिया सामग्री लगाई गई। पाल पर काली मिट्टी का भराव करने के बाद ठीक से दबाई नहीं। ग्रामीणों काे मुआवजा संबंधित समस्याओं व निर्माण काे लेकर कई बार मुद्दा उठाया था, लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। कानूनी कार्रवाई काे लेकर विधानसभा में मामला उठाऊंगा।






