विदिशा में मंगलवार रात लटेरी के जंगल में वन विभाग की फायरिंग से एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। वन विभाग इन्हें लकड़ी तस्कर बताते हुए आत्मरक्षा में गोली चलाने की बात कह रहा है। वहीं घायलों का कहना है कि लकड़ी काटकर ले जाते समय वन विभाग गोली चलाई। मामले में वन विभाग के सभी सदस्यों को निलंबित किया जा रहा है। इसके अलावा मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
गृहमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारी को सस्पेंड कर मृतक के परिवार और घायलों को आर्थिक मदद करने की घोषणा की है। सीएम ने भी घटना पर दुख जताया और न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। घटना के बाद कलेक्टर और SP लटेरी पहुंचे हैं।
टीम ने पीछा किया तो पत्थर बरसाए
DFO राजवीर सिंह का कहना है कि मंगलवार रात साढ़े 8 बजे के करीब विभाग को सूचना मिली कि गुना से आए कुछ लकड़ी तस्कर जंगल की ओर गए हैं। सूचना पर एक टीम बैरागढ़ कोटरा वन चौकी पहुंची। थोड़े इंतजार के बाद उन्हें जंगल की ओर से कुछ लोग आते हुए दिखाई दिए। उनके पास लकड़ियां थीं। टीम ने उन्हें दबोचने के लिए घेराबंदी की तो वे लोग बाइक छोड़ कर जंगल में भीतर घुस गए। इस पर टीम ने उनका पीछा किया। इस पर वे लोग पत्थर फेंकने लगे। इस पर टीम ने आत्मरक्षा में फायर किया, जिसमें चैन सिंह नामक तस्कर की मौत हो गई। फायरिंग में 3 अन्य तस्कर घायल हुए हैं।
सिंह ने बताया कि टीम जंगल से वापस लौटी और थाने पहुंची। घटना की जानकारी लगते ही रात साढ़े 12 के करीब कुछ लोगों ने थाने का घेराव किया और हमें बाहर आने का कहना लगे। वे चिल्ला रहे थे कि बाहर आओ, नहीं तो हम थाना आग में फूंक देंगे। विदिशा पुलिस ने मोर्चा संभाला और मामले को शांत करवाया।
साथी बोला- वे आए और गोली मार दी
घायलों के साथी राजेंद्र सिंह ने बताया कि हम 8 लोग लकड़ी काटने जंगल गए थे। यहां से बाइक पर लकड़ी लेकर लौट रहे थे। खट्टेपुरा गांव के पास हमें वन विभाग की टीम दिखाई दी। हम गाड़ी पर ही बैठे थे कि वे हमारे पास आ गए। आते ही उन्होंने फायरिंग कर दी। गोली लगने से चैन सिंह की मौके पर ही माैत हो गई। भगवान सिंह और महेंद्र सिंह भागे तो उधर से दूसरी गोली दाग दी गई, जिससे वे वहीं पर गिर गए। इसके बाद रोड सिंह को भी गोली मारकर घायल कर दिया। इसके बाद मैं प्रीतम मार दिया…. मार दिया… चिल्लाते हुए दौड़ा तो फॉरेस्ट वाले गाड़ी मोड़कर भाग निकले।
राजेंद्र सिंह ने बताया कि इसके पहले कभी फॉरेस्ट टीम से आमना-सामना नहीं हुआ था। गांव में पानी नहीं है। कमाई का और कोई साधन नहीं है। जैसे-तैसे पेट पाल रहे हैं। उन लोगों ने 7 से 8 फायरिंग की है। लटेरी में पुलिसवालों ने फॉरेस्ट टीम को बाहर नहीं आने दिया। हमें उसने पूछना है कि उन्हें फायरिंग के आदेश किसने दिए।
मृतक के परिवार और घायलों को आर्थिक मदद
कलेक्टर उमा शंकर भार्गव ने कहा कि मृतक के परिवार को 25 लाख की मदद दी जा रही है। उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। घायलों को 5-5 लाख रुपए दिए जाएंगे। मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। वन विभाग की टीम के जितने भी सदस्य यहां गए थे, सभी को निलंबित किया जा रहा है। उनके खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।






