पात्रा चॉल घोटाला मामले में शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत को प्रवर्तन निदेशायल ने रविवार शाम हिरासत में ले लिया। संजय राउत के हिरासत में लिए जाने के बाद इस मुद्दे पर रजनीति भी तेज हो गई है। इस बीच उनकी पार्टी के सहयोगी विनायक राउत ने कहा, शिवसेना को अपने सांसद राउत पर गर्व है। ‘सामना’ के संपादक से पूछताछ उनके मुंबई स्थित आवास पर छापेमारी के बाद शुरू हुई।
विनायक राउत ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संजय राउत को गिरफ्तार किया गया है या नहीं। जबकि कुछ शुरुआती रिपोर्टों ने सुझाव दिया था कि शिवसेना सांसद को हिरासत में लिया गया था, राउत के वकील ने इसका खंडन किया और कहा कि वह पात्रा चॉल भूमि घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नए समन प्राप्त करने के बाद ईडी कार्यालय गए थे।
विनायक राउत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, हम ईडी या सरकार के सामने नहीं झुकेंगे। हम शिवसेना के लिए लड़ते रहेंगे। हमें उन पर (संजय राउत) गर्व है, उन्हें महाराष्ट्र के लोगों का पूरा समर्थन है। खबरों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब सात बजे शुरू हुई दिन भर की छापेमारी के दौरान ईडी ने शिवसेना सांसद के आवास से 11.50 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की।
छापेमारी के बाद संजय राउत अपनी कार में ईडी ऑफिस के लिए रवाना होते हुए नजर आए। उन्होंने घर से निकलते वक्त वहां मौजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं को हाथ हिलाकर अभिवादन भी किया। वहीं, उनके विधायक भाई सुनील राउत ने कहा कि शिवसेना सांसद गिरफ्तार होने पर भी नहीं झुकेंगे, जांच एजेंसी को पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला।
संजय राउत ने दावा किया कि उन्हें ‘फर्जी सबूत’ के आधार पर फंसाया जा रहा है, लेकिन वह न तो झुकेंगे, न ही पार्टी छोड़ेंगे। ईडी कार्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘वे (ईडी) मुझे गिरफ्तार करने जा रहे हैं। मुझे गिरफ्तार किया जा रहा है। मैं झुकुंगा नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी की कार्रवाई का उद्देश्य शिवसेना और महाराष्ट्र को कमजोर करना है और उनके खिलाफ एक झूठा मामला तैयार किया गया है।






