अगर आप मूवी फैन हैं, तो आपको हॉलीवुड मूवी जेम्स बॉन्ड और मिशन इंपॉसिबल की वॉइस रिकॉग्निशन वाली कार तो याद होगी। भोपाल के SISTec कॉलेज के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स मनीष और चेतन ने ऐसी ही वॉइस रिकॉग्निशन वाली बाइक डिजाइन की है। ये बाइक वॉइस रिकॉग्निशन से स्टार्ट होती है। इंडिकेटर, बजर और हेडलाइट भी वॉइस से ऑपरेट हो जाती है।
यही नहीं, इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने एक ऐसी गो-कार्ट (Go-kart) भी तैयार की है, जिसकी लोकेशन, ऐवरेज और बैकअप मोबाइल ऐप्लिकेशन में देख सकते हैं। आइए दोनों स्टूडेंट्स से जानते हैं स्मार्ट बाइक और गो-कार्ट (Go-Kart) के बारे में…
पुरानी बाइक को किया मॉडिफाई
मनीष कुशवाहा और चेतन कटोले ने बताया, टेक्नोलॉजी में किसी भी डिवाइस को मोबाइल ऐप्लिकेशन से जोड़ने के हर दिन नए एक्सपेरिमेंट हो रहे हैं। हमें आइडिया आया कि जेम्स बॉन्ड की तरह मेकाट्रॉनिक्स के कॉन्सेप्ट से कुछ डिजाइन करना चाहिए। पहले हमने एक सेकंडहैंड बाइक ली। उसे जरूरत के हिसाब से डिजाइन किया। इसके बाद उसमें IOT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स की मदद से मोबाइल ऐप्लिकेशन से जोड़ा। अब यह बाइक वॉइस कमांड से लेकर ऐप्लिकेशन के क्लिक कमांड से भी ऑपरेट होती है। बाइक में बजर, इंडिकेटर, हेडलाइट और स्टार्ट का ऑप्शन सीधे ऐप से जुड़ा है। यानी इस बाइक को एलेक्सा की तरह आवाज से भी कंट्रोल कर सकते हैं।
35 हजार आया खर्च
स्टूडेंट्स ने बताया कि बाइक में 35 हजार रुपए तक का खर्च आया। इसमें बाइक को खरीदना भी शामिल है। इसे बनाने में करीब 3 महीने का समय लगा था। दोनों व्हीकल में IOT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स के कॉन्सेप्ट अप्लाई किया है।
Go-Kart में लगा है बैटरी के साथ सोलर पैनल
गो-कार्ट भी दोनों स्टूडेंट्स ने साथ में डिजाइन की है। यह इलेक्ट्रिक के साथ सौर्य ऊर्जा से भी चलती है। इसे भी ऐप के जरिए जोड़ा गया है। इससे कार की लोकेशन, ऐवरेज और बैकअप सब ऐप में दिखता है। कार्ट को बच्चों के गेम्स, इंडस्ट्री और रेलवे स्टेशन में यूज किया जा सकता है।






