वर्धा, दिनांक 14 अक्टूबर 2026: वर्धा जिले में नए कुएँ की खुदाई एवं बोरवेल करने पर वर्ष 2027 तक अथवा अगले आदेश तक लगाई गई पाबंदी में किसानों को विशेष छूट देने की मांग को लेकर वरुण गोकुल पांडे ने महाराष्ट्र शासन के पालकमंत्री एवं राज्यमंत्री माननीय डॉ. पंकजभाऊ भोयर जी से निवेदन किया है।
दिनांक 13 अक्टूबर 2026 को जारी शासन निर्णय के अनुसार जिले में नए कुएँ की खुदाई एवं बोरवेल करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जल संरक्षण की दृष्टि से यह निर्णय उचित हो सकता है, लेकिन वर्धा जिले की कृषि परिस्थितियों और किसानों की समस्याओं को देखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करना आवश्यक है।
वर्धा जिला किसानों की आत्महत्या की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में किसानों की आजीविका, फसलों की सुरक्षा और सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करना शासन एवं प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि किसानों को आवश्यकता के अनुसार सिंचाई के साधन उपलब्ध नहीं हो पाए, तो उनकी फसलें बर्बाद होने और आर्थिक संकट बढ़ने की आशंका है।
वरुण गोकुल पांडे ने मांग की है कि किसानों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शासन निर्णय में आवश्यक सुधार किया जाए तथा फसलों की सुरक्षा और सिंचाई के लिए नए कुएँ की खुदाई एवं बोरवेल करने की अनुमति विशेष शर्तों के साथ प्रदान की जाए। किसानों को इस प्रतिबंध से आवश्यक छूट देकर नियमों में शिथिलता लाई जाए, ताकि जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों के हितों की भी रक्षा हो सके।
उन्होंने पालकमंत्री डॉ. पंकजभाऊ भोयर जी से आग्रह किया है कि इस गंभीर विषय पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेकर किसानों को राहत प्रदान की जाए, ताकि किसी भी किसान को सिंचाई की समस्या, फसल के नुकसान या आर्थिक संकट के कारण निराशा का सामना न करना पड़े।
“जल संरक्षण आवश्यक है, लेकिन किसानों की फसलों, आजीविका और जीवन की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। शासन को ऐसा संतुलित निर्णय लेना चाहिए, जिससे जल संसाधनों का संरक्षण भी हो और किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार राहत भी मिले।”






