अखाडो के लिए क्या है अमृत स्नान का महत्व?

महाकुंभ में आज अमृत स्नान का दूसरा दिन है। श्रद्धालु करोड़ की संख्या में आज संगम में डुबकी लगा रहे हैं। नागा साधुओं के लिए अमृत स्नान का काफी महत्व है आज प्रातः काल से साधु संत संगम तट की ओर बढ़ रहे हैं। नागा साधुओं के साथ बड़ी संख्या में उनके भक्त भी प्रयागराज के इस मेले में पहुंचे हैं। लेकिन भक्त भी नागा साधु के स्नान के बाद ही संगम में डुबकी लगाते हैं। कहा जाता है कि नागा साधु और आमलोगों के लिए अमृत स्नान का अलग-अलग महत्व है।
आदि शंकराचार्य ने नागा साधुओं की टोली बनाई थी। आम लोग अमृत स्नान करके शुद्ध होते हैं और नागा साधु आत्मिक शुद्धिकरण के बाद अमृत स्नान करते हैं। अमृत स्नान करने से नागा साधुओं को चेतना और ज्ञान की प्राप्ति होती है। वही, नागा साधुओं को अमृत स्नान के दौरान दीक्षा भी दी जाती है। अमृत स्नान करके ज्ञान और वैराग्य पर चर्चा साधु करते हैं। अमृत स्नान हर नागा साधु के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसके बाद से ही महाकुंभ में सनातन धर्म के रक्षको को पहले स्नान का अधिकार दिया जाता है। 13 जनवरी को पहले अमृत स्नान हुआ था। इसके बाद दूसरा अमृत स्नान 29 जनवरी यानी आज है। अब बसंत पंचमी के दिन आखरी और तीसरा अमृत स्नान होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

FOLLOW US

Live Cricket

POll

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

TRENDING NEWS

Advertisement

GOLD & SILVER PRICE

Rashifal