उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे खेमे के बीच लड़ाई में एक नया मोर्चा खुल गया है। दरअसल, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) घोटाले में पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार की बेटियों के नाम भी जुड़े हैं, जिसे लेकर ठाकरे गुट हमलावर हो गया है। शिवसेना ने सत्तार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार में पूर्व राज्य मंत्री सत्तार औरंगाबाद के सिल्लोड से विधायक हैं। औरंगाबाद के कई शैक्षणिक संस्थानों पर उनका नियंत्रण बताया जाता है। सत्तार की बेटियों हीना कौसर अब्दुल सत्तार शेख और उज्मा नाहिद अब्दुल सत्तार शेख के नाम उन उम्मीदवारों की लिस्ट में शामिल हैं, जिन्होंने संदिग्ध तरीकों से और हेराफेरी करके टीईटी पास किया है। उनके सर्टिफिकेट रद्द कर दिए गए हैं।
‘घोटाले की जांच हो और सत्तार पर कार्रवाई हो’
शिवसेना विधायक और नेता अंबादास दानवे ने कहा, ‘शिवसेना की मांग है कि मामले की राज्य सरकार की ओर से जांच की जाए और कार्रवाई भी हो। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि ये परीक्षाएं तब आयोजित की गईं, जब अब्दुल सत्तार मंत्री पद पर थे।
‘बेटियां TET फेल हो गईं, मेरे पास सबूत’
वहीं, सत्तार ने इस मामले को उन्हें बदनाम करने का एक प्रयास बताया है। उन्होंने कहा, ‘यह बहुत गलत है। मेरी बेटियां परीक्षा में शामिल हुईं, लेकिन पास नहीं हुईं। मेरे पास इसे साबित करने के लिए डाक्युमेंट हैं।’
7,880 सफल उम्मीदवार ‘जोड़-तोड़’ में शामिल मिले
पुणे पुलिस टीईटी 2019-20 के लिए हुई परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रही है। MSCE ने पिछले हफ्ते 7,880 सफल उम्मीदवारों को ‘जोड़-तोड़’ में शामिल पाए जाने पर अयोग्य घोषित कर दिया। साथ ही भविष्य में इन परीक्षाओं में उनके शामिल होने पर रोक लगा दी।
मालूम हो कि टीईटी एक ऐसी परीक्षा है, जिसमें भावी टीचर्स से गणित, विज्ञान और भाषा कौशल से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। राज्य में यह महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) की ओर से आयोजित की जाती है। फरवरी 2013 के बाद से सरकार ने सभी इच्छुक स्कूली टीचर्स के लिए इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य कर दिया है।






