उद्धव ठाकरे के बाद शरद पवार को दर्द देगी भाजपा, बेटी सुप्रिया सुले को घेरने के लिए ‘मिशन बारामती’:भाजपा ने बनाया बड़ा प्लान, केंद्रीय मंत्रियों की होगी तैनाती

बारामती सीट पवार फैमिली के लिए एकदम सेफ मानी जाती रही है। ऐसे में भाजपा की तैयारियां शरद पवार की टेंशन बढ़ाने वाली है। निर्मला सीतारमण 16 से 18 अगस्त के दौरान बारामती का दौरा करने वाली हैं।

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शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाने वाली भाजपा ने उद्धव ठाकरे के बाद अब शरद पवार को भी घेरने की तैयारी कर ली है। इसकी शुरुआत उनकी बेटी सुप्रिया सुले की लोकसभा सीट से हो रही है। भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं और 16 सीटों को चुना है, जिन पर विपक्ष अकसर जीतता रहा है। इनमें से ही एक सीट बारामती की है, जहां से सुप्रिया सुले सांसद हैं। भाजपा ने एनसीपी को इस गढ़ में ही घेरने के लिए ‘मिशन बारामती’ तैयार किया है। इसके लिए निर्मला सीतारमण को जिम्मेदारी दी गई है कि वे बारामती में भाजपा की जमीन मजबूत करें।


भाजपा ने 2024 के लिए बनाया ‘प्लान 144’, शिवसेना की जमीन और खिसकाने की तैयारी

पुणे जिले में आने वाली बारामती सीट पवार फैमिली के लिए एकदम सेफ मानी जाती रही है। ऐसे में भाजपा की तैयारियां शरद पवार की टेंशन बढ़ाने वाली है। निर्मला सीतारमण 16 से 18 अगस्त के दौरान बारामती का दौरा करने वाली हैं। इस दौरान वह भाजपा के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी और पार्टी की ताकत का जायजा लेंगी। 1999 में एनसीपी के गठन के बाद से ही इस सीट से शरद पवार की फैमिली जीतती रही है। खुद शरद पवार भी यहां से सांसद रहे हैं। ऐसे में साफ है कि भाजपा का प्लान उन्हें किस हद तक दर्द दे सकता है। बता दें कि भाजपा ने महाराष्ट्र में 16 ऐसी सीटों को चुना है, जहां विपक्ष जीतता रहा है। इन सीटों पर भाजपा अपने संगठन को मजबूत करके 2024 में विपक्ष को चौंकाना चाहती है।

भाजपा ने बनाया बड़ा प्लान, केंद्रीय मंत्रियों की होगी तैनाती
देश भर में भाजपा की ओर से कुल 144 सीटों को चुना गया है, इनमें से 16 महाराष्ट्र की हैं। एक तरफ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बारामती के दौरै करेंगी तो वहीं केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह को शिरूर लोकसभा की कमान सौंपी गई है। यहां से भी एनसीपी के ही अमोल कोल्हे सांसद हैं। पुणे जिले में 4 लोकसभा सीटें आती हैं, जिनमें से एक पर ही भाजपा काबिज है, जो शहरी क्षेत्र की है। इसके अलावा एनसीपी के पास बारामती और शिरूर लोकसभा सीट है। वहीं शिवसेना ने 2019 में मवाल सीट से जीत हासिल की थी। शिवसेना के श्रीरंग बरने यहां से सांसद हैं। भाजपा के लिए फायदे की बात यह है कि श्रीरंग अब एकनाथ शिंदे के खेमे में हैं।

ब्रांड पवार को इस बार कमजोर कर देगी भाजपा?
बारामती को ‘ब्रांड पवार’ के लिए जाना जाता रहा है और तमाम कोशिशों के बाद भी भाजपा पैठ नहीं बना सकी है। लेकिन महाराष्ट्र में उद्धव सरकर की विदाई और विपक्षी खेमे की एकता कमजोर होने से भाजपा उत्साहित है। बारामती की ही सदर विधानसभा सीट से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार जीतते रहे हैं। बता दें कि 2019 में भाजपा उम्मीदवार के मुकाबले सुप्रिया सुले ने यहां से 1.5 लाख वोटों से जीत हासिल की थी।

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Author: newtraffictail

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