दिन प्रतिदिन महंगा होता जा रहा है। भारत में घर खरीदना लोअर मिडल क्लास अब चाह कर भी अपना घर खरीद नहीं पा रहा है। इसकी वजह प्रॉपर्टी की आसमान छूती कीमत है। प्रॉपर्टी की कीमत में बेटा आशा बढ़ोतरी होने से यह बहुत सारे लोगों के बजट के बाहर निकल गया है। प्रॉपर्टी की कीमत में अनाप-शनाप वृद्धि पिछले 3 सालों में देखने को मिली है। इसकी वजह जबरदस्त डिमांड और कम सप्लाई को बताया जा रहा है। यानी जितनी फ्लैट की मांग है उतनी बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। हालांकि यह सच्चाई नहीं है। रियलिटी एक्सपर्ट्स का कहना है की प्रॉपर्टी बाजार में प्राइवेट बिल्डर के बीच आम सहमति से एक कैटल बना हुआ है। तमाम बड़े शहरों से लेकर टायर 2 और 3 शहरों में फ्लैट बनाकर बेचने वाले प्राइवेट डेवलपर्स है इसलिए वह अपनी मर्जी से प्राइस तय कर रहे हैं। सरकार का कीमत को लेकर कोई कंट्रोल नहीं है। इसकी वजह से कीमत आसमान पर है इसके साथ ही प्रॉपर्टी में कुछ मुट्ठी भर इन्वेस्टमेंट का पैसा लग रहा है। इसलिए कीमत में वास्तविक बढ़ोतरी है। हालांकि यह फिर से स्लोडाउन की आहट है। क्योंकि लंबे समय तक इस तरह से प्रॉपर्टी मार्केट को नहीं चलाया जा सकता है हाउसिंग बबल फूटना तय है।
रियल एस्टेट में उल्टी गंगा बह रही है एक और प्रॉपर्टी की कीमत आसमान छू रही है होम बायर्स को कहीं सस्ती प्रॉपर्टी नहीं मिल रही है। वहीं दूसरी और जब कोई घर खरीदार अपना फ्लैट बेचे जा रहा है तो उसे खरीद कीमत भी नहीं मिल रही है। इस दुखड़े को एक एक यूजर्स ने साझा किया है एक पर @ क्लेम बनाकर नमक नाम हैंडल से इसको लेकर ट्वीट किया गया है यूजर्स ने लिखा है कि चेन्नई में मैंने दो साल पहले 68 लख रुपए में एक अपार्टमेंट खरीदा था आसपास के अपार्टमेंट 55 लाख में ऑफर किए गए थे बिल्डर ने मुझे बताया कि कंस्ट्रक्शन के कारण इसकी कीमत अधिक है। यह इमारत भूकंप को झेलने में सक्षम है। आज तक हमारे आसपास की दर केवल 60_62 लाख है। एक यूजर ने रिप्लाई दिया कि उसने 80 लाख का फ्लैट खरीद कर 5 साल बाद 75 लाख में बेचा।






