गुइलेन बैरे सिंड्रोम (GBS) से 56 वर्षीय महिला की मौत

पुणे के किरकटवाड़ी, सिंहगढ़ रोड की 56 वर्षीय महिला, जो पहले से ही मुंह के कैंसर से पीड़ित थी, की संदिग्ध रूप से गुइलेन बैरे सिंड्रोम (GBS) के कारण ससून जनरल अस्पताल में बुधवार को मृत्यु हो गई। इस दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और अब कुल मामले बढ़कर 127 हो गए हैं।

राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि महिला ने कमजोरी की शिकायत की थी और उसे 15 जनवरी को सिंहगढ़ इलाके के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया। यह इलाका GBS प्रकोप का एपिसेंटर (केंद्र) बना हुआ है। जब उसकी हालत और बिगड़ गई, तो 17 जनवरी को उसे ससून जनरल अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उसे सेप्सिस और श्वसन (सांस) संबंधी गंभीर समस्या हो गई, जिसके चलते 28 जनवरी, मंगलवार को उसकी मृत्यु हो गई।स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, यह GBS प्रकोप से होने वाली दूसरी संदिग्ध मौत है। हालांकि, मौत की वजह की पुष्टि के लिए डेथ ऑडिट कमेटी इस मामले की समीक्षा करेगी।

GBS के 127 मामलों में से 72 की पुष्टि

अब तक 127 संदिग्ध GBS मामलों में से 72 मरीजों का आधिकारिक रूप से इस बीमारी से ग्रसित होना पुष्टि हो चुकी है। इनमें—

23 मरीज पुणे नगर निगम (PMC) क्षेत्र से हैं

73 मरीज वे हैं, जो हाल ही में PMC सीमा में शामिल हुए गांवों से हैं

13 मरीज पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) से हैं

9 मरीज पुणे ग्रामीण क्षेत्रों से हैं

9 मरीज अन्य जिलों से हैं

GBS के सामान्य लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, GBS के सामान्य लक्षणों में अचानक हाथ-पैरों में कमजोरी आना और लंबे समय तक रहने वाला दस्त (डायरिया) शामिल है।

वायरल संक्रमण के मामलों की जांच

राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 121 स्टूल (मल) सैंपल इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से—

21 सैंपल नॉरोवायरस (Norovirus) के लिए पॉजिटिव पाए गए

5 सैंपल कैम्पिलोबैक्टर वायरस (Campylobacter Virus) के लिए पॉजिटिव मिले

इसके अलावा, 25 सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (CSF) सैंपल जांच के लिए भेजे गए, जिनमें से एक सैंपल एप्सटीन-बार वायरस (Epstein-Barr Virus) के लिए पॉजिटिव पाया गया।

पानी के सैंपल की जांच और संदूषण की पुष्टि

शहर के विभिन्न हिस्सों से 144 पानी के सैंपल एकत्र किए गए, जिन्हें रासायनिक और जैविक जांच के लिए राज्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला में भेजा गया।
इनमें से 8 जल स्रोतों के पानी को संदूषित (contaminated) पाया गया।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी – सावधानियां बरतें

शहरवासियों को साफ और उबला हुआ पानी पीने तथा स्वच्छ भोजन खाने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाते हुए डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया है और अब तक 50,000 से अधिक घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है।

स्वास्थ्य अधिकारी बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए निगरानी और जांच अभियान को और तेज कर रहे हैं ताकि बीमारी पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके।

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