Breaking News वर्धा ब्यूरो :जिला कलेक्टर राहुल कर्डिले ने जिले में गौण खनिजों के अवैध खनन एवं परिवहन को रोकने के लिए सभी उपखण्ड अधिकारियों के साथ-साथ तहसीलदारों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे . इसके बाद रेती माफियाऒ ने चार दिनों तक रेत घाट बंद रखे. इतना ही नहीं उन्होंने खुद ही अपने आप दो-दो टिप्पर पकड़वा दीये ताकि कार्रवाई हुई है ऐसा वह भ्रम फैला सके. लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों के बदौलत जिस गुमान से वे काम कर रहे हैं उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए आज मिली ताजा जानकारी के अनुसार दिनांक 9 मार्च शाम 6:00 बजे से फिर से अवैध तरिके से रेत घाट को शुरू कर दिया है.
रेत घाट माफियाओ को प्रशासन का कोई डर नहीं. जिस जनता के लिए राज्य सरकार ने सस्ते दरों पर डिपो उपलब्ध कराए हैं उसी जनता को डिपो से मिट्टी मे मिली हुई मोटी रेत प्रदान की जा रही है. जो कि सिर्फ यह दिखाने के लिए है कि हम नियमों का पालन कर रहे हैं. इस वजह से जनता का अत्यधिक नुकसान हो रहा है. अच्छे क्वालिटी की रेत चोरी करके महंगे दामों में रेत माफिया बेच रहे जिस पर प्रशासन कोई लगाम नहीं लगा पा रहा. जीस अच्छी क्वालिटी की रेत जनता तक मात्र 4000 से ₹5000 में उपलब्ध हो सकती है उस रेत को आज 22000 से लेकर 24000 के बीच में जनता खरीद रही है. रेत माफिया इस चोरी से करोड़ों रुपए का आवक कर रहे हैं. जो राज्य सरकार और जनता की जेब से इनकी तिजोरी में जा रहे हैं और सरकारी अधिकारी मौन रहकर सारा तमाशा देख रहे हैं क्योंकि उनकी भी जेबे गर्म हो रही है और उनकी संपत्ति दिन ब दिन बढ़ती जा रही है.






