महाकुंभ नगर वरिष्ठ संवाददाता महाकुंभ मेला में संगम न्यूज़ पर हुई भगदड़ के बाद गुरुवार को सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। मेला में आने और जाने के रास्ते अलग-अलग कर दिए गए हैं। वही, प्रयागराज शहर में गाड़ियों की एंट्री पर रोक है। मेला क्षेत्र में नो व्हीकल जोन का सख्ती से पालन किया जा रहा है। वही वीवीआईपी पास भी 4 फरवरी तक रद्द कर दी गई है। श्रद्धालुओं के आगमन के लिए अधिकांश पांटून पूल भी खोल दिया गया है। ताकि एक स्थान पर भीड़ एकत्रित होने से रोका जा सके। मेला क्षेत्र में पांटून पुल पर एकल मार्ग का शक्ति से पालन हो रहा है। ग्रीन कॉरिडोर वाले पांटून पुल को छोड़कर आम श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित पांटून पुल खोल दी गई है हालांकि संगम स्नान के बाद निकासी वाले त्रिवेणी मार्ग पर एकल यातायात का शत प्रतिशत पालन नहीं हो रहा है। काली मार्ग से लोग प्रवेश जरूर कर रहे हैं। लेकिन कुछ लोग पार्किंग एरिया से अंदर जाकर लाल सड़क होते हुए त्रिवेणी मार्ग से संगम जाने को नहीं रुख रहे हैं। इसको लेकर पुलिस ने कई बार बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया गया है।
मौनी अमावस्या के बाद श्रद्धालुओं को सुरक्षित गंतव्य को रवाना करने के लिए रेलवे स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन धन का शक्ति से पालन कराया जा रहा है प्रयागराज जंक्शन से लेकर रामबाग, झूसी वह नैनी पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सीधे प्लेटफार्म पर नहीं भेजा जा रहा है। पहले यात्री आश्रय में रोका जा रहा है। इसके बाद बारी-बारी से ट्रेन आने पर प्लेटफार्म पर जाने की अनुमति दी जा रही है। प्रयागराज जंक्शन पर भीड़ बड़ी तो सीधे खुसरोबाग यात्री आश्रय में यात्रियों को भेजा गया। बस अड्डे से भीड़ प्रबंधन इसलिए आसान हो गया, क्योंकि सभी अस्थाई बस अड्डे शहर के दूसरी ओर से संचालित किया जा रहे हैं। सिविल लाइन बस अड्डा से बसों का संचालन बंद है। मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है श्रद्धालुओं के आवागमन व संगम स्नान के लिए एकल मार्ग का पालन कराया जा रहा है। भीड़ को एक जगह एकत्रित होने से रोकने का प्रयास है। सभी अधीनस्थ अधिकारियों व पुलिस कर्मियों को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।






