अशोक विजयादशमी : वह ऐतिहासिक दिन, जब लाखों लोगों ने डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में स्वाभिमान, समानता और मानव मुक्ति का मार्ग चुना!
सम्पादकीय 14 अक्टूबर 1956, नागपुर की पवित्र दीक्षाभूमि। यह केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास में सामाजिक क्रांति के एक नए अध्याय की शुरुआत थी। इसी दिन भारतीय संविधान के शिल्पकार, महामानव डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म स्वीकार किया। यह निर्णय किसी के प्रति घृणा फैलाने के लिए नहीं,…