
मस्क का कहना है कि उन्होंने ट्विटर को पैसा कमाने के लिए नहीं खरीदा है बल्कि यह डील मानवता के लिए की है जिससे वह सबसे ज्यादा प्यार करते हैं। मस्क ने कहा, “मैं ट्विटर को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसा आम डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाना चाहता हूं, जहां अलग अलग विचारधारा के लोग बिना हिंसा और नफरत के एक दूसरे के साथ अपनी बातें साझा कर सकें।” मस्क ट्विटर के जरिए अभिव्यक्ति की आजादी को बनाए रखने की बात करते हैं। लेकिन सवाल यही उठता है कि क्या वे ऐसा कर पाएंगे? डोनाल्ड ट्रंप जैसी हस्तियों के खातों से बैन हटेगा? घाटे में चल रहे ट्विटर को खरीदने के पीछे मस्क के अपने प्लान हैं।
33 करोड़ यूजर्स वाला ट्विटर भले चीन, ईरान या रूस जैसे देशों में बैन हो लेकिन यह फिर भी दुनिया के सबसे ताकतवर प्लेटफॉर्म में से एक है। मस्क की योजना इसी ताकत पर नियंत्रण की लगती है। ट्विटर आज एक ऐसी ताकत है जो दुनिया के कई देशों में राजनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। चुनावों के दौरान ट्विटर बेहद प्रभावी प्लेटफॉर्म बन जाता है। अब चूंकि मस्क के पास दुनिया भर के यूजर्स का डाटा आ गया तो वे इसका इस्तेमाल किसी भी तरह से कर सकते हैं।
फिलहाल बहाल नहीं होंगे बैन खाते, ‘कंटेंट मॉडरेशन काउंसिल’ बनाएगा ट्विटर
एलन मस्क ने शुक्रवार को घोषणा की है कि ट्विटर के लिए एक ‘कंटेंट मॉडरेशन काउंसिल का गठन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह काउंसिल व्यापक रूप से और विविध दृष्टिकोणों का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने ट्वीट किया कि इस काउंसिल की बैठक से पहले ट्विटर पर पोस्ट होने वाली सामग्री को लेकर कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया जाएगा और न ही प्रतिबंधित किए गए कथित फर्जी खातों को बहाल किया जाएगा। उन्होंने लिखा कि वह पोस्टिंग और प्रतिबंधित खातों को बहाल करने के लिए भविष्य की नीति का आकलन करने के लिए इस ‘कंटेंट मॉडरेशन काउंसिल का गठन करेंगे। इसके द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद ही किसी भी प्रतिबंधित ट्विटर अकाउंट को बहाल किया जाएगा।






