कहते हैं कि बच्चे जब टीनएज में होते हैं, तो आपको बच्चों के पेरेंट नहीं बल्कि दोस्त की तरह पेश आना चाहिए। इससे बच्चा अपने सारी बातें आपसे शेयर करेगा। इस उम्र में बच्चों को समझना बहुत ही मुश्किल होता है। कभी-कभी पेरेंट को बच्चों पर गुस्सा भी आ जाता है। ऐसे में आपको यह बात समझनी चाहिए कि आप भी उम्र के इस पड़ाव से गुजर चुके हैं, ऐसे में आप अपने दिन को याद करें कि आप अपने पेरेंट से क्या उम्मीद रखते थे? तो आपको ज्यादा परेशानी नहीं होगी। आज हम आपको ऐसी बातें बता रहे हैं, जो टीनएज बच्चों से डील करने में आपकी हेल्प करेगी।
बच्चों पर प्रेशर न डालें
इस उम्र में बच्चों का मन बहुत ही चंचल हो जाता है। वे पल में कहीं घूमना चाहते हैं और दूसरे ही पल उनका मन घर से बाहर निकलने का नहीं करता। ऐसे में बच्चों पर किसी भी तरह का प्रेशर न डालें। आपके बार-बार एक ही बात कहने से वे जल्दी इरिटेट हो सकते हैं।
बच्चों पर ज्यादा रोक-टोक न करें
इस उम्र में बच्चे की पसंद और नापसंद बदलती रहती है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप बच्चे पर अपनी पसंद न थोपें और उन पर ज्यादा रोक-टोक न करें। ऐसा करने से बच्चे के मन में गुस्सा भर जाता है और फिर वे आपसे बचने की कोशिश करने लगते हैं।
बच्चों के ड्रेसिंग सेंस पर कमेंट न करें
इस उम्र में बच्चे अटेंशन लेना चाहते हैं। ऐसे में कभी-कभी बच्चे डिफरेंट स्टाइल में ड्रेसिंग करते हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि बच्चों पर बुरे कमेंट या उन्हें डांटने की बजाय उन्हें प्यार से समझाने की कोशिश करें। आप उन्हें कुछ ऑप्शन भी दे सकते हैं।
बच्चों की जासूसी न करें
बच्चों की एक्टिविटीज पर नजर या ख्याल रखना अलग बात है और जासूसी करते रहना अलग बात। बच्चों के फोन, लैपटॉप और या तक की फ्रेंड्स के बारे में हमेशा पूछताछ न करें। इससे बच्चों का कॉन्फिडेंस लेवल डाउन हो सकता है। बच्चों पर भरोसा करें।
बच्चों के तुलना न करें
हर बच्चा अपने आप में खास होता है। ऐसे में अगर आप अपनी उम्मीदों का बोझ बच्चे पर डालते हुए उनकी तुलना दूसरे बच्चों से करेंगे, तो बच्चे हीन भावना का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में बच्चों को दूसरे से कम्पेयर करने की जगह उन्हें मोटिवेट करें।






