हनुमान के जन्मस्थान पर विवाद:नासिक में बुलाई गई धर्म संसद, रथ यात्रा से पहले स्थानीय लोगों का विरोध; पूरे शहर में लगी धारा 144

महाराष्ट्र में जारी हनुमान चालीसा, लाउडस्पीकर विवाद के बाद भगवान हनुमान के जन्मस्थान को लेकर भी विवाद शुरू हो गया है। आज नासिक में इस विवाद पर धर्म-संसद का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 11 बजे शहर के अंजनेरी इलाके में होने वाली इस धर्म संसद से पहले पूरे शहर में धारा 144 लगा दी गई है। यही नहीं, इसके आयोजक महंत गोविंद दास की रथ यात्रा को रोकने के लिए पुलिस स्टेशन में तहरीर भी दी गई है। नासिक पुलिस ने आयोजकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नोटिस जारी किया है।

दरअसल, महंत गोविंद दास का दावा है कि भगवान हनुमान का जन्मस्थान कर्नाटक के किष्किंधा में था। इसी को लेकर वे अंजनेरी से अयोध्या तक एक रथ यात्रा निकालने वाले हैं। इसके लिए नासिक पुलिस ने मंजूरी नहीं दी है। इस धर्म संसद में रामायण, वेद और संस्कृत के देशभर के जानकारों का जमावड़ा होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि वाद-प्रतिवाद के दौरान हंगामा देखने को मिल सकता है।

स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं रथयात्रा का विरोध
इस रथयात्रा का अजनेरी के लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। सोमवार शाम को स्थानीय ग्रामीणों ने चक्काजाम किया था। टकराव की स्थिति को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बंदोबस्त लगाया गया है। अजनेरी में मौजूद रथ को भी पुलिस ने फिलहाल गांव से बाहर निकाल दिया है। माना जा रहा है कि पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद रथयात्रा नासिक शहर से शुरू होगी।

हनुमान जी का जन्म किष्किंधा में हुआ: गोविंद दास
किष्किंधा के महंत गोविंद दास ने वाल्मीकि रामायण का हवाला देते हुए दावा किया है कि भगवान हनुमान का जन्म नासिक के अंजनेरी में नहीं, बल्कि कर्नाटक के किष्किंधा में हुआ था। अपने इस दावे के पक्ष में उन्होंने शास्त्रों का हवाला दिया। महंत ने इस मुद्दे पर बहस करने की खुली चुनौती दी है। इसी विवाद को लेकर आज(31 मई) को धर्म संसद बुलाई गई है।

महंत गोविंद दास ने नासिक के संतों से अपील की है कि वे शास्त्रों के आधार पर सिद्ध करें कि भगवान हनुमान की जन्मभूमि अंजनेरी है। महंत ने कहा कि जन्म स्थान हमेशा एक ही रहता है और रामायण में महर्षि वाल्मीकि ने कहीं नहीं लिखा है कि हनुमान जी का जन्म नासिक के अंजनेरी गांव में हुआ था।

भगवान हनुमान के जन्मस्थान से जुड़े दावे
इससे पहले आंध्र प्रदेश स्थित तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने दावा किया था कि भगवान हनुमान का जन्मस्थान कर्नाटक के हम्पी इलाके में अंजनाद्री पर्वत पर हुआ था। वहीं, कुछ पौराणिक कथाओं के मुताबिक बजरंगबली का जन्म झारखंड के गुमला जिले के पास अंजन गांव की एक गुफा में हुआ था। कुछ लोग भगवान हनुमान का जन्मस्थान नासिक के पास अंजनेरी पहाड़ियों को बताते हैं।

जन्मस्थान विवाद से आंदोलन गलत : भुजबल
नासिक के गार्जियन मिनिस्टर छगन भुजबल ने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी समेत कई मुद्दे हैं। किसानों को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रभु हनुमान के जन्मस्थान को लेकर विवाद खड़ा करना गलत है। उन्होंने कहा कि अंजनेरी की जन्मस्थली के बारे में न तो महाराष्ट्र सरकार और न ही अदालत को कुछ कहना है फिर यह आंदोलन क्यों? अंजनेरी आना और विवाद करना गलत है। इस आंदोलन से हमारे बच्चों और किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने यह भी अपील की कि कोई भी आंदोलन का हिस्सा न बने।

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Author: newtraffictail

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