देशभर में इंडिगो की 550 से अधिक उड़ानें रद्द होने के बाद मंगलवार को हवाई अड्डों पर भारी अफरा-तफरी मच गई। हजारों यात्री घंटों कतारों में फंसे रहे और कई टर्मिनल पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि सुरक्षा और स्टाफ की पूरी व्यवस्था चरमरा गई। अचानक हुई इन रद्दीकरणों की वजह से यात्री न सिर्फ अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट्स से चूक गए, बल्कि कई लोग जरूरी कामों, मेडिकल अपॉइंटमेंट्स और पारिवारिक कार्यक्रमों से भी वंचित रह गए।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। यात्रियों ने बताया कि उन्हें एयरलाइन की तरफ से न तो समय पर कोई स्पष्ट जानकारी मिली और न ही वैकल्पिक व्यवस्थाओं की कोई ठोस योजना बताई गई। देरी बढ़ने के साथ लोगों का धैर्य टूटता गया और कई स्थानों पर हुज्जतबाजी की नौबत आ गई।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक हृदयविदारक वीडियो भी सामने आया, जिसमें एक पिता अपनी बेटी के लिए सैनिटरी पैड मांगते हुए दिखाई दिया। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और एयरपोर्ट प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर गया। कई यात्रियों ने साफ कहा कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी।
इंडिगो ने अपनी प्रारंभिक प्रतिक्रिया में कहा कि बड़े पैमाने पर हुई देरी और रद्दीकरण “ऑपरेशनल चुनौतियों” और “संसाधन प्रबंधन संबंधी समस्याओं” की वजह से हुए हैं। हालांकि, यात्रियों ने एयरलाइन पर “प्रबंधन की गंभीर कमी” का आरोप लगाया और कहा कि अचानक उड़ानों को रद्द करना और यात्रियों को बिना सहायता छोड़ देना गैर-जिम्मेदाराना है।
वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी स्थिति का संज्ञान लेते हुए एयरलाइन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की अव्यवस्था अस्वीकार्य है।
अभी भी कई एयरपोर्ट्स पर भीड़ कम होने का इंतजार जारी है, जबकि यात्री अपनी बुकिंग रीशेड्यूल करने और अगले फ्लाइट विकल्पों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस बड़े पैमाने की गड़बड़ी ने एयरलाइन सेक्टर में व्यवस्थागत कमियों और अचानक आने वाली परिस्थितियों से निपटने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






