इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने अंतरिक्ष कार्यक्रमों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में भारत तीन गुना ज्यादा उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित करेगा। साथ ही मार्क-III रॉकेट की पेलोड क्षमता 4,000 किलोग्राम से बढ़ाकर 5,100 किलोग्राम करने पर काम चल रहा है, वह भी बिना अतिरिक्त लागत के।
उन्होंने कहा कि इसरो वर्तमान में चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5 पर काम कर रहा है। इसके अलावा भारत के पहले अंतरिक्ष स्टेशन का पहला मॉड्यूल जल्द कक्षा में स्थापित किया जाएगा और 2035 तक पूरा स्टेशन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
गगनयान मिशन पर बोलते हुए नारायणन ने कहा कि इस वर्ष बिना क्रू का मिशन लॉन्च किया जाएगा, जबकि 2027 की पहली तिमाही में मानवयुक्त मिशन भेजने की तैयारी है। भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों शुभांशु शुक्ला और प्रसंथ नायर को अमेरिका में प्रशिक्षण दिया गया है, और उनके अनुभव का उपयोग गगनयान कार्यक्रम में किया जाएगा।
नारायणन ने आश्वासन दिया कि इसरो देश के हर नागरिक की सुरक्षा और गौरव के लिए पूरी तरह समर्पित है।






