अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बाद भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सामानों पर 7 अगस्त से 25% अतिरिक्त टैरिफ लागू हो गया है। इसके बाद 27 अगस्त से 25% और अतिरिक्त शुल्क जोड़ा जाएगा, जिससे कुल टैरिफ 50% तक पहुंच सकता है। पहले भारतीय उत्पादों पर औसतन 10% टैक्स लगता था, अब ये 30-50% तक हो सकता है। इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में तगड़ा झटका लगने की आशंका है।
प्रमुख असर वाले सेक्टर:
1. इंजीनियरिंग गुड्स:
निर्यात में 10-15% गिरावट की आशंका
टाटा स्टील, एलएंडटी जैसी कंपनियां प्रभावित
लाखों नौकरियों पर संकट
2. इलेक्ट्रॉनिक्स (स्मार्टफोन):
फिलहाल टैरिफ छूट, लेकिन भविष्य में 25% शुल्क से एप्पल और डिक्सन टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियां प्रभावित हो सकती हैं
3. फार्मा:
ट्रंप की 250% टैरिफ की धमकी से दवा उद्योग में चिंता
सन फार्मा, सिप्ला, डॉ. रेड्डी जैसी कंपनियां खतरे में
4. जेम्स एंड ज्वेलरी:
ज्वैलरी पर 31% और डायमंड पर 25% टैरिफ
एक्सपोर्ट में 15-20% की गिरावट संभव
कारीगरों की नौकरियों पर खतरा
5. टेक्सटाइल:
नया टैरिफ 35%
मांग में 20-25% तक गिरावट
बांग्लादेश-वियतनाम से कड़ी प्रतिस्पर्धा
6. ऑटोमोबाइल पार्ट्स:
25% टैरिफ लागू
टाटा मोटर्स, भारत फोर्ज जैसे ऑटो पार्ट्स निर्माताओं पर असर
अमेरिका में भारतीय हिस्सेदारी पहले से ही सीमित
व्यापारियों और एक्सपोर्टर्स की राय:
गुजरात के टेक्सटाइल व्यापारी आशीष गुजराती ने कहा, “पूरे उद्योग में हलचल है, होम टेक्सटाइल्स का सबसे बड़ा ग्राहक अमेरिका है। ट्रेड में पैनिक की स्थिति है।”
वहीं, ज्वेलरी एक्सपोर्टर जयंती सावलिया का मानना है कि “टैरिफ से ज्यादा नुकसान अमेरिका को होगा। हम वैश्विक बाजार में और हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं।”
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में यह टैरिफ संकट बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। जहां एक ओर भारतीय निर्यात पर इसका असर पड़ना तय है, वहीं यह भारत को अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर रुख करने के लिए मजबूर भी कर सकता है।






