जिला परिषद शिक्षकों की पदोन्नति की मांग को लेकर चल रहा स्वतंत्र समता शिक्षक संघ का आमरण उपोषण आखिरकार स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय शिक्षण विस्तार अधिकारी और केंद्रप्रमुख की पदोन्नति प्रक्रिया में मिली प्रशासनिक आश्वासन के बाद लिया गया।
संघ के जिलाध्यक्ष गौतम पाटील के नेतृत्व में नागपंचमी के दिन 29 जून से यह आमरण उपोषण शुरू हुआ था। पदोन्नति न होने से नाराज शिक्षकों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के चलते कई शिक्षक बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
उपोषण के दूसरे ही दिन शिक्षा अधिकारी डॉ. महेंद्र गजभिये ने संघ पदाधिकारियों से चर्चा कर सात दिव्यांगों को भी शामिल करते हुए रोस्टर की जांच और आक्षेपों के निराकरण हेतु 10 दिन का समय मांगा। साथ ही, यह भी लेखी आश्वासन दिया गया कि 8 अगस्त तक शिक्षण विस्तार अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश तथा 29 अगस्त तक केंद्रप्रमुखों के पदोन्नति आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
इस आश्वासन के बाद गौतम पाटील, सुनील तेलतुंबडे, सचिन शंभरकर और अन्य पदाधिकारियों ने उपोषण स्थगित करने की घोषणा की। शिक्षा अधिकारी डॉ. गजभिये ने स्वयं उन्हें ज्यूस पिलाकर उपोषण समाप्त करवाया।
इस आंदोलन को विभिन्न शिक्षक और कर्मचारी संघटनाओं जैसे बामसेफ, पुरानी पेंशन हक्क संघटना, कास्ट्राईब कर्मचारी संघ, वरिष्ठ नागरिक संघ, सेवानिवृत्त संघ, पदवीधर संघ आदि का सक्रिय समर्थन मिला।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि वादा अनुसार प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो आगामी महीने में आंदोलन दोबारा तेज़ किया जाएगा।






